देवरिया के खुखुंदू में सीओ जियाउल हक हत्याकांड में 13 साल बाद लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत से एक बार फिर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया समेत पांच आरोपियों को क्लीनचिट देने पर उनकी माता हाजरा खातून और पिता शमशुल हक के आंसू छलक आए। उनका कहना है कि चक्रव्यूह तो वही रचे थे।
जियाउल के माता-पिता ने कहा कि जब अदालत का फैसला है तो हम क्या कर सकते हैं। हमे भी स्वीकार करना पड़ेगा। 2024 में सीबीआई की विशेष अदालत ने सीओ जियाउल हक हत्याकांड में शामिल 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, उस समय भी जियाउल के माता-पिता ने राजा भैया को सजा नहीं बनाने पर दुख व्यक्त किया था।