राहुल बोले- मोदी की सिर्फ शो-बाजी, उनमें दम नहीं:  मैं दो-तीन बार मिला हूं, उन्हें लोगों ने सिर पर चढ़ा रखा है
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राहुल बोले- मोदी की सिर्फ शो-बाजी, उनमें दम नहीं: मैं दो-तीन बार मिला हूं, उन्हें लोगों ने सिर पर चढ़ा रखा है

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नई दिल्ली1 दिन पहले

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में भागीदारी न्याय सम्मेलन को संबोधित किया। - Dainik Bhaskar

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में भागीदारी न्याय सम्मेलन को संबोधित किया।

दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में कांग्रेस की OBC सेल ने ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ का आयोजन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सम्मेलन में PM नरेंद्र मोदी की जमकर आलोचना की।

राहुल ने भाषण के दौरान पार्टी के सदस्यों से पूछा, ‘आपको पता है, राजनीति में सबसे बड़ी प्रॉब्लम क्या है।’ कार्यकर्ताओं ने जवाब दिया, ‘PM मोदी।’ इस पर राहुल ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी कोई बड़ी प्रॉब्लम नहीं हैं। मैं उनसे दो-तीन बार मिल चुका हूं। उनकी सिर्फ शो-बाजी हैं। उनमें दम नहीं है। उन्हें लोगों ने सिर पर चढ़ा रखा है।’

राहुल ने कांग्रेस शासित राज्यों में जाति जनगणना कराने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘मेरे काम में एक कमी रह गई। मुझे OBC वर्ग की जिस तरह से रक्षा करनी थी, मैंने नहीं की। 10-15 साल पहले मुझे OBC के मुद्दे गहराई से नहीं समझ आए थे। अगर मुझे पता होता तो मैं उसी वक्त जातिगत जनगणना करवा देता।’

कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘हम पहले जाति जनगणना नहीं करा सके। यह कांग्रेस की नहीं, मेरी गलती थी। मैं अब इसे सुधार रहा हूं। आप मेरी बहन प्रियंका से पूछिएगा कि अगर राहुल ने किसी काम के लिए मन बना लिया तो उस बात को वो छोड़ेगा या नहीं? मैं नहीं छोड़ने वाला।’

राहुल के भाषण की 3 बड़ी बातें…

  • मोदी कहते हैं ‘हिंदू इंडिया’, जबकि 50% हिंदू तो OBC हैं। अगर हिंदू इंडिया है तो मीडिया और कार्पोरेट कंपनी में OBC क्यों नहीं हैं? बड़े-बड़े एंकरों की लिस्ट में OBC वर्ग के लोग क्यों नहीं हैं? ये लोग SC-ST, OBC वर्ग की जमीनें छीनकर अडाणी को दे रहे हैं, इनके सिस्टम में कोई OBC नहीं है।
  • BJP के नेता कहते हैं कि हम हिंदुस्तान से अंग्रेजी को मिटा देंगे। आप उनसे पूछिए- आपके बच्चे कहां पढ़ते हैं? आपके बच्चे विदेश में पढ़ते हैं, क्या वे वहां हिंदी मीडियम में पढ़ते हैं? हिंदी, तमिल, बंगाली, कन्नड़, सभी रीजनल भाषाएं जरूरी हैं, लेकिन इनके साथ में अंग्रेजी भी जरूरी है।
  • मेरा सवाल है कि अगर आप खून-पसीने और मेहनत से देश को बनाते हैं, तो देश आपको क्या देता है? जवाब है- Annual Confidential Report (ACR) के जरिए OBC, आदिवासियों, दलितों के अधिकारों की हत्या कर दी जाती है।

खड़गे बोले- PM मोदी झूठों के सरदार हैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सम्मेलन में कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झूठों के सरदार हैं। झूठ बोलना उनका काम है। वे संसद में भी झूठ बोलते हैं। PM मोदी सिर्फ तकरीर (भाषण) करते रहते हैं। खुद कहते हैं कि मैं नॉन-बायोलॉजिकल हूं, मुझे भगवान ने भेजा है।’

खड़गे ने कहा, ‘PM मोदी ने देश से झूठ बोला कि वे हर साल युवाओं को 2 करोड़ नौकरी देंगे। विदेश से कालाधन लाएंगे। सबको 15-15 लाख देंगे। उन्होंने किसानों को MSP देने और पिछड़े समुदायों की आमदनी बढ़ाने का झूठ बोला।’

‘मोदी खुद को OBC बोलते हैं, जबकि वो पहले अपर कास्ट में थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपनी कम्युनिटी को OBC लिस्ट में डाल दिया। OBC के लोगों के बीच कहते हैं कि मैं पिछड़ा वर्ग का हूं, मुझे सताया जाता है। लेकिन अब वो सबको सता रहे हैं।’

OBC सम्मेलन में सिद्धारमैया, बघेल सहित कई बड़े नेता पहुंचे कांग्रेस के ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, राजस्थान के पूर्व CM अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल, कांग्रेस नेता सचिन पायलट सहित अलग-अलग राज्यों से पार्टी के टॉप लीडर्स शामिल हुए।

सम्मेलन में कांग्रेस के OBC डिपार्टमेंट का नया लोगो लॉन्च किया गया। भागीदारी न्याय सम्मेलन में सिर्फ रजिस्टर्ड प्रतिनिधियों को ही एंट्री दी गई थी। पार्टी की तरफ से राज्य और जिला स्तर पर OBC समिति सदस्यों को इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा गया था।

इस सम्मेलन का मकसद देश के सभी OBC नेताओं को एक साथ लाकर काम करना और OBC मुद्दों पर नियमित वर्कशॉप आयोजित करना है। इसमें हर राज्य की राजधानी में जाति सर्वेक्षण भी शामिल है। ताकि, पार्टी OBC समुदायों तक पहुंचना और चुनावी स्तरों पर अपनी विचारधारा पहुंचा सके।

केंद्र ने 30 अप्रैल को देश में जाति जनगणना की घोषणा की थी केंद्र ने 30 अप्रैल 2025 को जातीय जनगणना कराने का ऐलान किया था। देश में आजादी के बाद यह पहली जातीय जनगणना होगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि जातीय जनगणना को मूल जनगणना के साथ ही कराया जाएगा।

कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल जाति जनगणना कराने की मांग करते रहे हैं। देश में पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। इसे हर 10 साल में किया जाता है। इस हिसाब से 2021 में अगली जनगणना होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था।

देश में अब तक कुल 8 बार जातीय जनगणना हुई है। 1872 से 1931 के बीच 7 बार ब्रिटिशकाल में और एक बार 2011 में आजाद भारत में। हालांकि, 2011 की जातीय जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए।

अगले साल अक्टूबर से शुरू होगी जनगणना गृह मंत्रालय ने 16 जून को जनगणना के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। केंद्र सरकार दो फेज में जातीय कराएगी। नोटिफिकेशन के मुताबिक, पहले फेज की शुरुआत 1 अक्टूबर 2026 से होगी। इसमें 4 पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं। 1 मार्च 2027 से दूसरा फेज शुरू होगा। इसमें देश के बाकी राज्यों में जनगणना शुरू होगी।

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