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फिल्म ‘रॉकस्टार’ में रणबीर कपूर और नरगिस फाखरी की लव स्टोरी का दुखद अंत दर्शकों को आज भी याद है। लेकिन फिल्म के निर्देशक इम्तियाज अली ने हाल ही में खुलासा किया है कि फिल्म की शुरुआती स्क्रिप्ट में हीर के मरने का सीन था ही नहीं।
मूल स्क्रिप्ट में नहीं थी हीर की मौत हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक इम्तियाज अली ने एक फैन मीट के दौरान बताया कि जब उन्होंने पहली बार फिल्म की कहानी लिखी थी, तब उन्होंने हीर के किरदार को जिंदा रखा था। उनके मुताबिक, उन्होंने “रॉकस्टार” की पूरी स्क्रिप्ट तैयार कर ली थी, लेकिन वह ड्राफ्ट कहीं खो गया। बाद में जब फिल्म बनाने का मौका मिला तो उन्हें स्क्रिप्ट दोबारा लिखनी पड़ी। दोबारा लिखी कहानी में बदल गया अंत इम्तियाज अली ने बताया कि दूसरी बार स्क्रिप्ट लिखते समय कहानी का टोन बदल गया। उन्होंने प्रसिद्ध प्रेम कहानी ‘हीर-रांझा’ से प्रेरणा ली, जिसमें हीर की मौत पहले हो जाती है। इसी से प्रेरित होकर उन्होंने फिल्म में भी हीर का अंत दुखद रखा। फिल्म में नरगिस फाखरी का किरदार हीर कौल अंत में बीमारी के कारण मर जाता है। उसके बाद रणबीर कपूर का किरदार जॉर्डन एक टूटे हुए कलाकार के रूप में दिखता है, जिसकी पीड़ा उसके संगीत में झलकती है। रणबीर कपूर के करियर की अहम फिल्म 2011 में रिलीज हुई “रॉकस्टार” में रणबीर कपूर ने जॉर्डन नाम के संघर्षरत गायक की भूमिका निभाई थी। फिल्म का संगीत ए.आर. रहमान ने तैयार किया था और इसके गाने आज भी लोकप्रिय हैं। भले ही रिलीज के समय फिल्म को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली थी, लेकिन समय के साथ यह एक कल्ट फिल्म बन गई। रणबीर कपूर के अभिनय और फिल्म की भावनात्मक कहानी को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा। इम्तियाज अली के इस खुलासे के बाद फैंस के बीच यह चर्चा फिर से शुरू हो गई है कि अगर मूल स्क्रिप्ट बरकरार रहती, तो शायद “रॉकस्टार” का अंत बिल्कुल अलग होता।
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