12 घंटे पहले
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मां दुर्गा की पूजा का महा उत्सव शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू हो रहा है। 1 अक्टूबर को दुर्गा नवमी के साथ नवरात्रि का समापन होगा। इस बार ये पर्व 9 नहीं, 10 दिनों का होगा। ये अद्भुत संयोग लगभग 9 साल बाद बन रहा है। इससे पहले 2016 में भी नवरात्रि 10 दिनों की थी।
नवरात्रि में चतुर्थी तिथि रहेगी दो दिन
इस साल नवरात्रि की चतुर्थी तिथि दो दिन रहेगी, इस कारण देवी पूजा के लिए भक्तों को एक अतिरिक्त दिन मिलेगा और भक्त 10 दिनों तक नवरात्रि मना पाएंगे। पंचांग के अनुसार, 25 और 26 सितंबर को दोनों दिन चतुर्थी तिथि रहेगी। नवरात्रि की समाप्ति के बाद इस बार दशहरा 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, नवरात्रि की शुरुआत में मां दुर्गा के वाहन का विशेष महत्व रहता है। ये वाहन नवरात्रि के प्रारंभ होने वाले दिन (वार) पर निर्भर करता है। इस बार नवरात्रि की शुरुआत रविवार से हो रही है। जब नवरात्रि की शुरुआत रविवार या सोमवार को होती है, तो मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। हाथी को सुख-समृद्धि, धन-धान्य और खुशहाली का प्रतीक है। ऐसे में हाथी पर सवार होकर मां दुर्गा के आने से देश और समाज के सुख-समृद्धि और उन्नति के योग बनेंगे। शनिवार या मंगलवार को नवरात्रि शुरू हो तो मां का वाहन अश्व (घोड़ा) पर, गुरुवार या शुक्रवार को डोली में और बुधवार को नौका से देवी का आगमन होता है। देवी के वाहनों के अलग-अलग फल बताए गए हैं।
नवरात्रि की खास तिथियां
22 सितंबर: नवरात्र का पहला दिन, इसे घटस्थापना भी कहते हैं। इस दिन शुभ कार्य प्रारंभ करना और खरीदारी करना शुभ माना जाता है।
25 सितंबर: इस दिन चतुर्थी तिथि यानी विनायकी चतुर्थी का व्रत किया जाएगा। इस दिन भूमि, भवन और वाहनों की खरीदारी कर सकते हैं।
30 सितंबर: इस दिन दुर्गा अष्टमी है, इसे महाअष्टमी भी कहा जाता है। इस दिन ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम खरीद सकते हैं।
1 अक्टूबर: इस दिन दुर्गा नवमी है और इस तिथि पर नवरात्रि का समापन होता है।
2 अक्टूबर: इस दिन विजया दशमी है। ये दिन किसी भी नए कार्य की शुरुआत, शस्त्र पूजा और वाहन खरीदने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
देवी कूष्माण्डा की दो दिन होगी पूजा
चतुर्थी तिथि दो दिन होने से 25 और 26 सितंबर को मां दुर्गा के चौथे स्वरूप कूष्माण्डा की पूजा दो दिन होगी। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं, इनमें शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री देवी शामिल हैं।








