रिटायर्ड मेजर जनरल डीएस हुड्डा का जन्म हरियाणा के रोहतक में हुआ है। वर्तमान में पंचकूला में रहते है।। (फाइल फोटो)
सर्जिकल स्ट्राइक के हीरो रहे रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा की कार को वीआईपी काफिले में शामिल पंजाब पुलिस की एक गाड़ी ने टक्कर मार दी। हुड्डा का आरोप है कि यह टक्कर जानबूझकर मारी गई। यहीं नही, टक्कर मारने के बाद पुलिस कर्मी रुके नहीं, बल्कि तेज
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रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल ने पंजाब पुलिस की इस करतूत पर सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर अपनी नाराजगी जताई। लिखा- पुलिस की गाड़ी की टक्कर न केवल उनके वाहन को नुकसान हुआ, बल्कि भीड़भाड़ वाले रास्ते पर उनकी सुरक्षा की भी कोई परवाह नहीं की गई। आगे लिखा-
जिन लोगों को कानून का रक्षक होना चाहिए, उनके इस तरह के अहंकार और लापरवाही से वर्दी और पूरे विभाग की साख पर दाग लगता है।

पोस्ट सामने आने के बाद इस मामले में पंजाब पुलिस एक्शन में आ गई है। डीजीपी गौरव यादव ने इस मामले में खेद जताया है। उन्होंने स्पेशल डीजीपी ट्रैफिक एएस राय को पूरे मामले की जांच सौंपी है। साथ ही डीजीपी की तरफ से अब ऐसे वाहनों के लिए गाइड लाइन जारी की गई है।
इस पर रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने प्रतिक्रिया करते हुए धन्यवाद किया। साथ ही कहा कि आपको मेरी बात पर भरोसा करना होगा, क्योंकि सबूत के तौर पर कोई डैश कैमरा नहीं है। बता दें कि हुड्डा का जन्म हरियाणा के रोहतक में हुआ है। वर्तमान में पंचकूला में रहते है।

5 पॉइंट में जाने अब तक का सारा मामला…
- अंबाला की तरफ जा रहे थे: जनरल हुड्डा ने अपनी आपबीती सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर शेयर की। उन्होंने बताया कि बुधवार शाम 4 बजे वे अपनी पत्नी के साथ जीरकपुर फ्लाईओवर पर गाड़ी चला रहे थे। इस दौरान अंबाला की ओर जा रहे एक वीआईपी काफिले को एस्कॉर्ट करती दो पंजाब पुलिस की गाड़ियां पीछे से सायरन बजाते हुए आईं।
- ओवरटेक कर जानबूझकर टक्कर मारी: हुड्डा ने बताया कि उन्होंने काफिले को निकलने देने के लिए अपनी गाड़ी धीमी कर दी। भारी ट्रैफिक के कारण वीआईपी वाहन को निकलने में करीब तीन सेकेंड ज्यादा लग गए। इससे पीछे आ रही एस्कॉर्ट जीप का चालक नाराज हो गया और बाई ओर से ओवरटेक करते हुए जानबूझकर तेजी से दाईं ओर गाड़ी मोड़ दी, जिससे उनकी कार के अगले हिस्से में टक्कर लग गई।
- इस तरह पुलिस वर्दी पर लगता है दाग: हुड्डा ने आगे बताया टक्कर मारने के बाद पुलिस जीप बिना रुके तेजी से आगे निकल गई। यह पूरी तरह से जानबूझकर किया गया कदम था। इससे न केवल वाहन को नुकसान हुआ, बल्कि भीड़भाड़ वाले रास्ते पर उनकी सुरक्षा की भी कोई परवाह नहीं की गई। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पर जल्द कार्रवाई होगी।
- डरावना अनुभव, एक्शन होना चाहिए: हुड्डा की पोस्ट पर लेफ्टिनेंट जनरल राकेश शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “बहुत भयावह और डरावना अनुभव रहा होगा, सर। आशा है कि आप और मिसेज हुड्डा ठीक होंगे।” वहीं, पंजाब के पूर्व स्पेशल चीफ सेक्रेटरी केबीएस सिद्धू ने कहा, “हम ईमानदारी से आशा करते हैं कि इस लापरवाह कृत्य की जिम्मेदारी जल्द से जल्द तय की जाएगी।”

जनरल की पोस्ट।
पंजाब डीजीपी ने जताया खेद
रिटायर्ड जरनल डीएस हुड्डा की पोस्ट चर्चा में आई तो पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने इस मामले में खेद जताया। हुड्डा की पोस्ट का संज्ञान लेते हुए कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से आपको और आपकी पत्नी को हुई तकलीफ के लिए हमें गहरा खेद है। ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है और पंजाब पुलिस के मूल्यों के विपरीत है।
आगे बताया कि मैंने इस मामले पर स्पेशल डीजीपी ट्रैफिक एएस राय से बात की है। संबंधित वाहनों और कर्मियों की पहचान के निर्देश जारी किए गए हैं। आप निश्चिंत रहें, मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जिम्मेदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी तरफ, रिटायर्ड जरनल डीएस हुड्डा ने डीजीपी का धन्यवाद किया है। उन्होंने लिखा है कि आपके जवाब की मैं सराहना करता हूं। साथ ही उम्मीद जताई कि अगर उस व्यवहार की बात साबित करनी पड़ी तो आपके मेरी बात पर ही भरोसा करना होगा, क्योंकि वहां डैश कैमरा नहीं था।

पुलिस DGP की पोस्ट।
अब एस्कॉर्ट वाहनों को इन गाइड लाइन का पालन करना होगा
- जब कोई आपात स्थिति न हो, तो हमेशा ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
- आम लोगों के रास्ते में कम से कम रुकावट हो, इसका ध्यान रखें।
- यात्रा के दौरान शालीनता और पेशेवर रवैया बनाए रखें।
- हर हाल में धैर्य और शांति से काम लें।
- अगर कोई घटना होती है, तो एस्कॉर्ट इंचार्ज तुरंत जानकारी दें।
- सभी जिलों में 48 घंटे के अंदर एस्कॉर्ट, पायलट और ट्रैफिक स्टाफ को अच्छे व्यवहार के बारे में बताया जाए।
- पंजाब पुलिस का मकसद सबकी सुरक्षा करना और जनता का भरोसा जीतना है।

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव की तरफ से जारी गाइड लाइन।
कर्नल बाठ से पार्किंग को लेकर हुआ था पुलिस कर्मियों से विवाद पटियाला में कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ के साथ मारपीट का मामला मार्च 2025 में सामने आया था। देर रात एक ढाबे पर पार्किंग को लेकर हुए विवाद के दौरान लगभग दर्जनभर पुलिसकर्मियों, जिनमें कुछ इंस्पेक्टर भी शामिल थे, ने कर्नल बाठ और उनके बेटे के साथ मारपीट की थी। फर्जी एनकाउंटर की धमकी दी।
घटना के उजागर होने के बाद पंजाब पुलिस ने 12 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर इसकी जांच सीबीआई को सौंप गई है। मामला अभी भी जांच के अधीन है और सीबीआई की कार्रवाई जारी है।

कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ से से हुआ मारपीट केस। (फाइल फोटो)
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कर्नल मारपीट केस, पंजाब पुलिस की SIT खारिज:हाईकोर्ट ने जांच चंडीगढ़ पुलिस को सौंपी; कर्नल की पत्नी बोलीं- पीछा किया जा रहा

पंजाब पुलिस की पटियाला में आर्मी कर्नल पुष्पिंदर बाठ से मारपीट के मामले की जांच पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस को सौंप दी है। यह जांच 4 महीने में पूरी करनी होगी। 3 दिन में नई जांच टीम बनेगी, जिसमें पंजाब पुलिस का कोई अधिकारी शामिल नहीं होगा। हालांकि, जांच में पंजाब पुलिस को पूरा सहयोग देना होगा। (पूरी खबर पढ़ें)








