नई दिल्ली11 घंटे पहले
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इंडिया मोबाइल कांग्रेस का 10वां एडिशन आज से दिल्ली में शुरू हो गया है। एशिया के सबसे बड़े टेक इवेंट में इस बार 6G, आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI), सैटेलाइट कम्यूनिकेशन और साइबर सिक्योरिटी जैसे सेक्टर में एडवांस टेक्नीक पर फोकस रहेगा।
यह इवेंट दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में 10 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें 100 देशों के 1.5 लाख से ज्यादा लोग पहुंचेंगे। इसमें 500 स्टार्टअप के साथ 400 से ज्यादा कंपनियां अपने इनोवेशन दिखाएंगी।
सैटेलाइट इंटरनेट से दूरदराज के इलाकों तक ऑनलाइन सुविधाएं पहुंचेंगी
स्टारलिंक में बिजनेस ऑपरेशन्स की वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रेयर ने कहा कि भारत के 100% डिजिटल डेवलपमेंट के लिए हर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सबसे जरूरी है।
इसके लिए सिर्फ पुराने तरीकों पर निर्भर रहने के बजाय सरकार और इंडस्ट्री को मिलकर काम करना होगा। सैटेलाइट इंटरनेट के जरिए उन दूरदराज के इलाकों में भी ऑनलाइन सुविधाएं पहुंचाई जा सकती हैं, जहां अब तक इंटरनेट नहीं पहुंच पाया था।

अब सिर्फ इंटरनेट नहीं, AI इकोनॉमी पर फोकस
GSMA के डायरेक्टर जनरल विवेक बद्रीनाथ ने कहा कि अब भारत की डिजिटल नींव पूरी तरह तैयार है। इसलिए चर्चा सिर्फ इंटरनेट कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
100 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के साथ, अब सारा फोकस टेलीकॉम नेटवर्क को और स्मार्ट व पावरफुल बनाने पर होना चाहिए, ताकि देश में AI इकोनॉमी और नई तकनीकों को बढ़ावा मिले।


केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन से पहले, द्वारका के यशोभूमि में तैयारियों का जायजा लिया।
साइबर फ्रॉड रोकने लगातार मैसेज भेजने का सिस्टम बनेगा
इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) से एक दिन पहले मंगलवार को पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने GSMA बोर्ड मेंबर्स से मुलाकात की। इस दौरान पीएम ने साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए लगातार अलर्ट मैसेज भेजने और डीपफेक/AI कंटेंट के असली सोर्स की पहचान का सिस्टम बनाने की बात कही।
साथ ही, नई तकनीकों के लिए दुनियाभर में एक समान नियम बनाने पर जोर दिया। वहीं, GSMA मेंबर्स ने भारत में 4G-5G के तेजी से विस्तार, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, 5G, 6G, AI और सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई।

इस बार की थीम स्केल विदाउट बाउंड्रीज
इस साल IMC 2026 की थीम ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ यानी ‘बिना रुकावट विस्तार’ रखी गई है। इवेंट में दुनियाभर की टेक कंपनियां, इंटरनेट ऑपरेटर और नए स्टार्टअप्स एक साथ आएंगे।
सरकार का मकसद है कि नई टेक्नोलॉजी जैसे- 6G या AI सिर्फ लैब और रिसर्च तक सीमित न रहे, बल्कि जल्द से जल्द आम लोगों के काम आ सके।

इवेंट 4 हिस्सों में होगा, जानें किसमें क्या खास
1. सृष्टि: फ्यूचर टेक्नोलॉजी और इनोवेशन
यह हिस्सा डिजिटल तकनीकों पर केंद्रित है। इसमें 6G तकनीक, AI से चलने वाले टेलीकॉम नेटवर्क, क्वांटम कम्यूनिकेशन, सेमीकंडक्टर, AI चिप्स और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी एडवांस्ड तकनीकों को दिखाया जाएगा।
2. संवर्धन: बिजनेस ग्रोथ और 5G से कमाई
इस सेक्शन में नई तकनीकों को सिर्फ रिसर्च लैब तक सीमित न रखकर मार्केट में कैसे उतारा जाए, इस बात पर चर्चा होगी। इसमें 5G तकनीक से कमाई के नए रास्ते, सीधे मोबाइल में सैटेलाइट इंटरनेट पहुंचाना, टेलीकॉम डिवाइस बनाना, रोबोटिक्स और फैक्ट्रियों में ऑटोमेशन जैसे नए बिजनेस मॉडल्स शामिल हैं।
3. सशक्त: सस्टेनेबिलिटी और हर वर्ग तक पहुंच
यह सेक्शन इको-फ्रेंडली डिजिटल नेटवर्क तैयार करने पर केंद्रित है। इसमें टेलीकॉम में ग्रीन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल, इलेक्ट्रॉनिक कचरे का सही निपटारा, ग्रीन एनर्जी से खर्च घटाना और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए, बिना डिजिटल सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जाएगा।
4. सुरक्षा: साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल ट्रस्ट
इस सेक्शन में साइबर हमलों से बचाव, स्पैम और ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षा, डेटा प्राइवेसी, AI के नियम और समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल की सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर एक्सपर्ट्स और सरकार मंथन करेंगे।








