साइबर लिटरेसी- आपकी एपल डिवाइस के लिए CERT-In का अलर्ट:  साइबर अटैक के खतरे से बचें, डिवाइस को सुरक्षित रखने के 6 टिप्स
महिला

साइबर लिटरेसी- आपकी एपल डिवाइस के लिए CERT-In का अलर्ट: साइबर अटैक के खतरे से बचें, डिवाइस को सुरक्षित रखने के 6 टिप्स

Spread the love


10 घंटे पहलेलेखक: संदीप सिंह

  • कॉपी लिंक

भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने एपल डिवाइस यूजर्स के लिए हाई रिस्क सिक्योरिटी वॉर्निंग जारी की है। इसमें कहा गया है कि iPhone, iPad, MacBook, Apple Watch और Vision Pro जैसी डिवाइस में साइबर सुरक्षा की दृष्टि से कुछ ऐसी कमजोरियां हैं, जिनका फायदा उठाकर साइबर अटैकर्स सेंसिटिव डेटा चुरा सकते हैं। वे इन डिवाइस की सिक्योरिटी बायपास कर सकते हैं, डिवाइस का कंट्रोल अपने हाथ में ले सकते हैं और यहां तक कि उसमें कोई भी कोड चला सकते हैं।

CERT-In के मुताबिक, ये खतरा उन डिवाइस में ज्यादा है, जो लेटेस्ट सिक्योरिटी के साथ अपडेट नहीं किए गए हैं। ये पुराने वर्जन पर ही चल रहे हैं। इन सभी एपल डिवाइस यूजर्स के लिए जरूरी है कि वे तुरंत अपना सॉफ्टवेयर अपडेट करें।

आज ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में CERT-In के नए अलर्ट की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • डिवाइस अपडेट नहीं करने पर क्या खतरे हो सकते हैं?
  • एपल डिवाइस में सॉफ्टवेयर अपडेट स्टेटस कैसे चेक करें?

एक्सपर्ट: ईशान सिन्हा, साइबर एक्सपर्ट, नई दिल्ली

सवाल- अगर डिवाइस अपडेट नहीं करेंगे तो क्या होगा?

जवाब- साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट ईशान सिन्हा बताते हैं कि हर सॉफ्टवेयर अपडेट में पुराने वर्जन की कमजोरियों को ठीक किया जाता है। अगर यूजर अपना डिवाइस अपडेट नहीं करते हैं तो उनका डिवाइस उन सभी कमजोरियों के साथ ही इंटरनेट पर काम करता रहता है। हैकर्स इन्हीं खामियों का फायदा उठाकर यूजर के डेटाबेस से पासवर्ड, फोटो, बैंक डिटेल जैसे सेंसिटिव डेटा चुरा सकते हैं। ये हैकर्स आपके ऑनलाइन अकाउंट्स तक पहुंच सकते हैं और यहां तक कि डिवाइस को रिमोट से कंट्रोल भी कर सकते हैं। कुछ मामलों में तो डिवाइस पूरी तरह लॉक हो सकती है या क्रैश हो सकती है।

सवाल- कौन से एपल डिवाइस इस सिक्योरिटी लूप होल के खतरे में हैं?

जवाब- CERT-In के अनुसार, पुराने सॉफ्टवेयर पर चल रही ज्यादातर डिवाइस में इसका रिस्क है। इन सभी डिवाइस की लिस्ट नीचे दिए ग्राफिक में देखिए-

सवाल- इन वल्नरेबिलिटी यानी कमजोरियों से क्या खतरा है?

जवाब- इन सभी एपल डिवाइस की सिक्योरिटी से जुड़ी कमजोरियों का फायदा उठाकर हैकर्स सबसे पहले सेंसिटिव डेटा चोरी करते हैं। इसकी मदद से वे डिवाइस कंट्रोल कर सकते हैं। बैंक अकाइउंट खाली कर सकते हैं। सभी खतरे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- अगर अपडेट के बाद डिवाइस स्लो हो जाए तो क्या करें?

जवाब- बड़ा सॉफ्टवेयर अपडेट इंस्टॉल होने के बाद डिवाइस के अंदर कई बैकग्राउंड प्रोसेस चलते हैं। डिवाइस पुरानी फाइल्स को नए सिस्टम के हिसाब से एडजस्ट करती है, एप्स को री-इंडेक्स करती है और सिक्योरिटी सेटिंग्स को अपडेट करती है। इस दौरान प्रोसेसर और मेमोरी पर लोड बढ़ जाता है। इसलिए डिवाइस की स्पीड कुछ समय के लिए धीमी हो सकती है।

आमतौर पर 24-48 घंटों के भीतर ये प्रोसेस पूरी हो जाती है और परफॉर्मेंस फिर से सामान्य हो जाती है। अगर इसके बाद भी डिवाइस स्लो है तो कैश क्लियर करें, अनयूज्ड एप्स डिलीट करें और जरूरत पड़ने पर डिवाइस को रीस्टार्ट करें।

सवाल- इस खतरे से बचने के लिए क्या करें?

जवाब- CERT-In और साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि अपनी डिवाइस समय–समय पर अपडेट करना ही सबसे असरदार तरीका है। कंपनी अपने यूजर्स का डेटा सुरक्षित रखने के लिए खुद ही हर स्तर पर सिक्योरिटी के लिए काम करती है। उसे जैसे ही कोई लूप होल दिखता है, उसे अगले अपडेट में ठीक कर लेती है। इसलिए हर नए अपडेट के साथ डिवाइस को अप-टू-डेट रखें।

सवाल- अगर अपडेट अभी उपलब्ध नहीं है तो क्या करें?

जवाब- अगर आपकी डिवाइस में अभी अपडेट नहीं आया है तो चिंता न करें। Apple धीरे-धीरे सभी डिवाइस के लिए पैच रिलीज करता है। इस दौरान सावधानी बरतें– अनजान नेटवर्क से कनेक्ट न हों, संदिग्ध वेबसाइट या लिंक पर क्लिक न करें और डिवाइस में सिक्योरिटी सेटिंग्स स्ट्रॉन्ग रखें।

सवाल- क्या ऑटोमैटिक अपडेट ऑन रखना सही है?

जवाब- ऑटोमैटिक अपडेट ऑन रखने से आपकी डिवाइस समय पर नए सिक्योरिटी पैच और फीचर अपडेट रिसीव कर लेती है, भले ही आप मैन्युअली चेक करना भूल जाएं। इससे हैकर्स के लिए डिवाइस की पुरानी कमजोरियों का फायदा उठाना मुश्किल होता है। खासतौर पर फोन, लैपटॉप और स्मार्टवॉच जैसी रोजाना इस्तेमाल होने वाली डिवाइस में यह सेटिंग ऑन रखना सुरक्षित है। ऑटोमैटिक अपडेट के लिए डिवाइस अक्सर रात में या चार्जिंग के दौरान अपडेट इंस्टॉल करती है। अगर आप लिमिटेड डेटा प्लान पर हैं तो वाई-फाई पर ही ऑटो-अपडेट सेट करें ताकि मोबाइल डेटा जल्दी न खत्म हो।

सवाल- डिवाइस का अपडेट स्टेटस कैसे चेक करें?

जवाब- अपनी एपल डिवाइस का सॉफ्टवेयर अपडेट देखना बहुत आसान है। डिवाइस के प्रकार के अनुसार ये स्टेप्स अपनाएं।

  • iPhone / iPad: सेटिंग्स में जनरल खोलें, फिर सॉफ्टवेयर अपडेट चुनें।
  • MacBook: एपल मेन्यू में सिस्टम सेटिंग्स खोलें, फिर जनरल में जाकर सॉफ्टवेयर अपडेट चुनें।
  • Apple Watch: iPhone में वॉच एप खोलें, फिर जनरल में जाकर सॉफ्टवेयर अपडेट चुनें।

स्क्रीन पर आपको डिवाइस का मौजूदा वर्जन और नया अपडेट (अगर उपलब्ध है) दिख जाएगा।

सवाल- क्या अपडेट करने के लिए ज्यादा स्टोरेज चाहिए?

जवाब- हां, सॉफ्टवेयर अपडेट इंस्टॉल करने के लिए डिवाइस में पर्याप्त खाली स्टोरेज होना जरूरी है। बड़े अपडेट के लिए अक्सर 5–10 GB तक खाली जगह चाहिए होती है, क्योंकि सिस्टम को इंस्टॉलेशन फाइल के साथ-साथ अस्थायी डेटा भी सेव करना पड़ता है। अपडेट से पहले अनावश्यक फोटो, वीडियो, एप्स या फाइल्स डिलीट करें, ताकि इंस्टॉलेशन बिना रुकावट पूरा हो सके।

सवाल- अपडेट का ऑफिशियल लॉग कहां देखें?

जवाब- हर सिक्योरिटी अपडेट की डिटेल support.apple.com/en-in/HT201222 पर उपलब्ध होती है। यहां आप देख सकते हैं कि किस वर्जन में कौन-कौन सी कमजोरियां फिक्स की गई हैं।

सवाल- क्या पुरानी डिवाइस को अपडेट करना सही है?

जवाब- पुरानी डिवाइस में अपडेट से सिक्योरिटी बेहतर होती है, लेकिन कभी-कभी परफॉर्मेंस धीमा हो सकता है। ऐसे में अपडेट करने से पहले उसका रिलीज नोट पढ़ें और देखें कि उसमें परफॉर्मेंस इश्यूज का जिक्र है या नहीं। अगर डिवाइस बहुत पुरानी है और आप सिर्फ बेसिक काम करते हैं, तो बड़े अपडेट की बजाय सिक्योरिटी पैच इंस्टॉल करना ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है।

………………

ये खबर भी पढ़िए

साइबर लिटरेसी- साइबर ठगों का नया निशाना ‘फास्टैग’: 5 संकेतों से पहचानें फ्रॉड, फास्टैग लेते हुए हमेशा बरतें ये 6 सावधानियां

हाईवे पर कैशलेस टोल कलेक्शन की सुविधा देने वाला FASTag अब सफर का अहम हिस्सा बन चुका है। गाड़ी रोके बिना टोल देने की यह सुविधा जितनी सुविधाजनक है, उतनी ही खतरनाक भी साबित हो रही है। साइबर ठगों ने अब इसे नया हथियार बना लिया है। पूरी खबर पढ़िए…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *