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सावधान: ओटीपी दिया, न पासवर्ड, फिर भी एफडी से उड़ गए 5.50 लाख रुपये; साइबर ठगी का नया तरीका

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 फिक्स्ड डिपॉजिट से ऑनलाइन धोखाधड़ी कर 5.50 लाख रुपये खाते से निकाल लिए गए। आवास विकास कॉलोनी निवासी अजीत कुमार श्रीवास्तव ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पीड़ित अजीत ने पुलिस को बताया कि नौ फरवरी की शाम उनकी जानकारी के बिना इंडसइंड बैंक से छह लाख रुपये के फिक्स डिपॉजिट तोड़े गए। इसके बाद 5.50 लाख रुपये बैंक खाते से आईएमपीएस के जरिये निकाल लिए गए। अजीत का कहना है कि उन्होंने न कोई ओटीपी, पासवर्ड या बैंक संबंधी जानकारी साझा की और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया।

उन्होंने किसी भी ट्रांजेक्शन को अधिकृत नहीं किया था। बैंक में पत्नी को भेजकर खाता चेक कराया तो रकम निकाले जाने की जानकारी हुई। उन्होंने बैंक को सूचना देने के साथ साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर भी शिकायत की।

साइबर ठग मोबाइल हैक कर करते हैं इंतजार

मामले में पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी अब अपना तरीका बदल रहे हैं। एपीके फाइल भेज मोबाइल हैक करने के बाद लंबे समय तक नजर रखते हैं। इसके चलते पीड़ित को समझ नहीं आता कि उससे कहां गलती हुई और वह साइबर ठगी का शिकार हो गया। बीते दिनों एक कांट्रेक्टर के साथ ऐसा ही मामला हुआ था। ठगी से बचने को अपने मोबाइल को समय-समय पर अपडेट करते रहना चाहिए।

 



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