सीता नवमी 25 को:  वैशाख शुक्ल नवमी पर प्रकट हुई थीं देवी सीता, जानिए सीता नवमी पर कौन-कौन से शुभ काम कर सकते हैं
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

सीता नवमी 25 को: वैशाख शुक्ल नवमी पर प्रकट हुई थीं देवी सीता, जानिए सीता नवमी पर कौन-कौन से शुभ काम कर सकते हैं

Spread the love



वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को सीता नवमी या जानकी नवमी कहा जाता है। इस बार यह पर्व शनिवार, 25 अप्रैल को है। इस अवसर पर भक्त माता सीता और भगवान श्रीराम की विशेष पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस दिन माता सीता पृथ्वी से प्रकट हुई थीं। माता सीता को आदर्श पत्नी, धैर्य और पवित्रता की प्रतीक माना जाता है। उनका जीवन संघर्ष, त्याग और मर्यादा की सीख देता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन किया गया दान और व्रत अत्यंत फलदायी होता है। विशेष रूप से पृथ्वी से जुड़ी चीजों का दान जैसे अनाज, मिट्टी के बर्तन, जल आदि दान देना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है। सीता जन्म की कथा वाल्मीकि रामायण के अनुसार मिथिला के राजा जनक के कोई संतान नहीं थी। वे संतान प्राप्ति के लिए धार्मिक अनुष्ठान और यज्ञ करते थे। एक बार उन्होंने यज्ञ के लिए भूमि तैयार करने का निर्णय लिया। वैशाख शुक्ल नवमी के दिन, जब राजा जनक खेत में हल चला रहे थे, तभी हल की नोक जमीन में एक स्थान पर अटक गई। जब उस स्थान को खोदा गया तो वहां से एक दिव्य कन्या प्राप्त हुई, जो मिट्टी के घड़े में सुरक्षित थी। चूंकि यह कन्या धरती पर हल की नोक की वजह से प्राप्त हुई थी, इसलिए इसे “सीता” नाम दिया गया। संस्कृत में हल की रेखा को “सीता” कहा जाता है। आगे चलकर देवी सीता भगवान श्रीराम की पत्नी बनीं और रामायण की कथा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनीं। सीता नवमी की पूजा विधि व्रत और दान का महत्व सीता नवमी के दिन व्रत रखने का विशेष महत्व है। व्रती व्यक्ति दिनभर उपवास रखकर केवल फलाहार करता है या निर्जल व्रत भी किया जाता है। शाम को पूजा के बाद व्रत खोला जाता है। इस दिन कुछ लोग मिट्टी के बर्तन में चावल, अनाज या पानी भरकर जरूरतमंदों को दान देते हैं। सीता माता का जीवन में हमें संयम, धैर्य और सच्चाई का संदेश देता है। माता सीता सीख देती हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और मर्यादा को नहीं छोड़ना चाहिए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *