7 घंटे पहले
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- किताबों से जानिये, कैसे अकेले समय बिताना आपको मजबूत बनाता है? स्वस्थ और खुशहाल जीवन का मूल क्या है?
कुछ वक्त अकेले रहना बहुत जरूरी होता है अकेले समय बिताना चाहिए। इस दौरान आप समझते हैं कि क्या आप स्वयं के साथ शांति में हैं, या आपके जीवन का अर्थ केवल दैनिक जीवन की सतही घटनाओं तक सीमित है। यदि आपका जीवन केवल बाहरी गतिविधियों पर टिका है, तो अकेले रहने का समय आपका स्वयं से साक्षात्कार कराएगा। यह आपको भीतर से मजबूत बनाएगा और बुद्धि और आंतरिक शक्ति को विकसित करने में सहायता करेगा।(ऑन लोनलीनेस एंड सॉलिट्यूड)
जीवन से कुछ पाना चाहते हैं, तो देना सीखें हम सभी कुछ मूलभूत आवश्यकताओं और इच्छाओं के साथ जीवन की यात्रा शुरू करते हैं। एक सुखदायक घर, पर्याप्त भोजन, अर्थपूर्ण और अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी, आराम और आनंद। ये सभी जीवन में आवश्यक हैं। लेकिन प्राप्त करने से पहले देना आवश्यक है। जब हम खुले दिल से कुछ देते हैं, चाहे वह समय, प्रेम, सहायता या ज्ञान हो तो जीवन हमें बदले में उससे कहीं अधिक लौटाता है।(द लॉ ऑफ गिविंग एंड रिसीविंग)
खुशी पर फोकस करेंगे तो हमेशा खुश रहेंगे कृतज्ञता का भाव विकसित करें। यह समझें कि हर बार जब हम सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं तो हमें खुश होने का कारण मिलता है। हर बार जब हमारे बच्चे हमें देखकर मुस्कराते हैं, हमें खुश होने का अवसर मिलता है। हर बार जब हम सुबह उठकर गहरी सांस लेते हैं और टहलने जाते हैं, हमें खुशी महसूस होती है। यही सुखी जीवन का सार है। खुशी पर फोकस करने से ही जीवन में खुशी बढ़ती है। (बीइंग हैप्पी)
माफ करने से कड़वाहट खत्म होती है, आप प्रेम की तरफ बढ़ते हैं क्षमा एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन का मूल है। माफ करना ही संबंधों की रक्षा करता है। यह उस व्यक्ति की भी रक्षा करता है जो क्षमा करता है। यह प्रेम देने का एक तरीका है। माफ करना यह कहने का एक तरीका है कि मैं तुम्हारी गलती को जाने देने वाला हूं, मैं कड़वाहट को नहीं अपनाऊंगा, और फिर भी तुमसे प्रेम करता रहूंगा। जब हम क्षमा करते हैं, तो हम दिव्यता की शांति प्राप्त करते हैं और ईश्वर के समान बन जाते हैं। ईश्वर के लिए कोई अपराध अक्षम्य नहीं होता; केवल मनुष्य ही ऐसा मानते हैं।(फरगिविंग)








