सेहतनामा- क्या चीनी खाने से फैटी लिवर होता है?:  लिवर के लिए क्यों खतरनाक है शुगर, डॉक्टर से जानें, बचाव के तरीके और सावधानियां
महिला

सेहतनामा- क्या चीनी खाने से फैटी लिवर होता है?: लिवर के लिए क्यों खतरनाक है शुगर, डॉक्टर से जानें, बचाव के तरीके और सावधानियां

Spread the love


1 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

  • कॉपी लिंक

पूरी दुनिया के लोग जानते हैं कि ज्यादा चीनी खाना सेहत के लिए हानिकारक है। इससे दांत खराब हो सकते हैं। ब्लड शुगर स्पाइक हो सकता है। यह डायबिटिक लोगों के लिए बेहद नुकसानदायक है, लेकिन क्या आपको पता है कि चीनी लिवर डैमेज भी कर सकती है। इसका जवाब हां है। चीनी लिवर को शराब की तरह नुकसान पहुंचाती है।

जर्नल ऑफ हेपेटोलॉजी में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, बहुत थोड़ी मात्रा में चीनी भी लिवर को नुकसान पहुंचाती है। जिस तरह शराब की हर बूंद लिवर को नुकसान पहुंचाती है और फैटी लिवर का कारण बनती है, ठीक उसी तरह चीनी भी फैटी लिवर के लिए जिम्मेदार है। नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर के ज्यादातर मामलों में चीनी बड़ी वजह है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने साल 2015 में कहा था कि किसी को भी रोज 25 ग्राम यानी 6 चम्मच से ज्यादा चीनी नहीं खानी चाहिए। यहां सिर्फ सफेद दानों वाली शक्कर की बात नहीं हो रही है। बाजार में जितनी भी पैकेज्ड चीजें बिक रही हैं, सबमें एडेड शुगर होती है। यहां तक कि स्वाद में नमकीन लग रही चीजों में भी शुगर है। ये सब चीजें मिलकर लिवर डैमेज कर रही हैं।

इसलिए ‘सेहतनामा’ में आज जानेंगे कि कैसे चीनी लिवर डैमेज कर रही है। साथ ही जानेंगे कि-

  • चीनी से फैटी लिवर डिजीज क्यों होती है?
  • फैटी लिवर से क्या कॉम्प्लिकेशन हो सकते हैं?

चीनी खाने पर क्या होता है

चीनी एक तरह का कार्ब है। जब हम इसे खाते हैं तो शरीर को एनर्जी का एक आसान सोर्स मिल जाता है। हमारा शरीर इसे ग्लूकोज में बदल लेता है। इससे एनर्जी के लिए खूब कैलोरी मिलती हैं, लेकिन इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू शून्य होती है। शरीर इसका कुछ हिस्सा एनर्जी के लिए इस्तेमाल करता है। बाकी हिस्सा सुरक्षित रख लेता है।

ज्यादा चीनी खाने से होती है फैटी लिवर की समस्या

हमारा शरीर बहुत समझदारी से काम करता है। जिस तरह हम अपनी सैलरी से खर्च का हिस्सा निकालकर बाकी हिस्सा भविष्य के लिए सेविंग बैंक अकाउंट में जमा कर देते हैं। उसी तरह हमारा शरीर जरूरत का ग्लूकोज एनर्जी के लिए इस्तेमाल करके बाकी हिस्सा फैट में बदलकर लिवर में जमा कर देता है।

हालांकि, हमारा शरीर इंसानों की तरह लालची नहीं है। वह जरूरत भर का फैट जमा करना ही पसंद करता है। जब यह फैट बहुत ज्यादा हो जाता है तो फैटी लिवर का कारण बनता है।

लिवर को नहीं पसंद फैट

अगर लिवर को किसी चीज से सबसे ज्यादा दिक्कत होती है तो वह एक्स्ट्रा फैट है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, अगर हमारे लिवर में जमा फैट की मात्रा लिवर के कुल वजन के 5% के पार चली जाए तो इससे कई अन्य जोखिम हो सकते हैं। ज्यादा फैट से लिवर में इंफ्लेमेशन हो सकता है। यह कई बीमारियों की वजह भी बन सकता है।

ज्यादा चीनी खाने से शरीर के 300 बुनियादी कामों में आती अड़चन

जिस तरह शरीर पर चर्बी चढ़ने से हमारे शरीर में सूजन दिखने लगती है और शरीर सुस्त पड़ जाता है। ठीक उसी तरह फैटी लिवर का मतलब है कि उसके चारों ओर फैट जमा हो गया है। इसके कारण लिवर सुस्त पड़ने लगता है और उसके जरूरी काम बाधित होने लगते हैं।

दुनिया के 38% लोगों को फैटी लिवर डिजीज

फैटी लिवर बेहद कॉमन लिवर डिजीज बनती जा रही है। जर्नल ऑफ हेपेटोलॉजी के मुताबिक, इस वक्त दुनिया में करीब 38% लोग फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे हैं। इसमें 25% लोग ऐसे हैं, जो शराब नहीं पीते हैं। ऐसे ज्यादातर मामलों में ज्यादा चीनी खाना बड़ी वजह है। यह सफेद शक्कर के दानों के अलावा जंक फूड, पैकेज्ड फूड और शुगरी ड्रिंक्स से कंज्यूम की जा रही है।

हमारी बुरी आदतों का बोझ लिवर पर

हम अपने स्वाद के लिए दिन भर पैकेज्ड फूड खाते हैं। शुगरी ड्रिंक्स पीते हैं और मिठाइयां खाते हैं। मीठी चाय-कॉफी पीते हैं। यह सारा शुगर लिवर के सिर-माथे जाता है, क्योंकि शुगर को ब्रेक करने और पचाने का जिम्मा लिवर का ही है।

इसके बाद होता ये है कि शरीर अपनी जरूरत भर का ग्लूकोज लेकर बाकी लिवर के जिम्मे ही छोड़ देता है। यह फिर से काम पर लग जाता है। इस बार फैट में बदलकर अपने पास ही स्टोर कर लेता है। यही फैट बाद में उसके लिए बोझ बन जाता है। हमारी आदतों पर लिवर को गुस्सा तो खूब आता होगा, लेकिन वो कर भी क्या सकता है।

चीनी और फैटी लिवर से जुड़े कुछ कॉमन सवाल और जवाब

सवाल: हमारे पूर्वजों को मीठा खाने पर फैटी लिवर डिजीज क्यों नहीं होती थी?

जवाब: हम सिर्फ ये देखते हैं कि हमारे पूर्वज जी भरकर मिठाई खाते थे। इसके साथ ये भी देखिए कि उनकी लाइफस्टाइल कैसी थी। पहले के लोग पूरे दिन कुर्सी-मेज पर बैठकर काम नहीं करते थे। वे दिन भर मेहनत करते थे। जितना मीठा खाते थे, वह सब ग्लूकोज के रूप में इस्तेमाल हो जाता था। उसे लिवर को फैट में बदलकर जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती थी।

सवाल: क्या फैटी लिवर डिजीज नई बीमारी है?

जवाब: हां, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के एंडोक्रोनोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. रॉबर्ट लस्टिग अपनी किताब ‘फैट चांस’ में लिखते हैं कि फैटी लिवर ऐसी बीमारी है, जो आज से 50 साल पहले मौजूद ही नहीं थी। अब यह इतनी तेजी से बढ़ रही है कि अगर आप कहीं भीड़ में पत्थर मारें तो वो जिस इंसान को जाकर लगेगा, 99% चांसेज हैं कि उसे फैटी लिवर होगा।

सवाल: कैसे पहचानेंगे कि लिवर में एक्स्ट्रा फैट जमा हो रहा है?

जवाब: आमतौर पर फैटी लिवर का कोई लक्षण नजर नहीं आता है। कभी-कभी थकान महसूस हो सकती है या पेट के ऊपर की तरफ दाहिनी ओर दर्द भी महसूस हो सकता है। इसके अलावा ये संकेत दिख सकते हैं:

  • आंखों और स्किन में पीलापन
  • पेट में दर्द
  • पेशाब का गाढ़ा रंग
  • पेट में सूजन
  • काले रंग का स्टूल
  • स्किन में खुजली
  • सांस लेने में दिक्कत
  • पैरों में सूजन

सवाल: फैटी लिवर होने पर क्या नहीं खाना चाहिए?

जवाब: अगर फैटी लिवर के लक्षण दिख रहे हैं तो मीठी और पैकेज्ड चीजें छोड़कर खाने में शामिल करें ये चीजें:

  • लहसुन
  • कॉफी
  • ब्रॉकली
  • ग्रीन टी
  • अखरोट
  • सोया चंक्स
  • बीन्स
  • साबुत अनाज

……………………

सेहत से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

सेहतनामा- कॉफी पीने से कम होता फैटी लिवर:दो कप से ज्यादा नुकसानदायक, एक कप कॉफी 6 घंटे एक्टिव रखती दिमाग

रोज सुबह कॉफी पीना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। यूरोपियन हार्ट जर्नल में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, रोज सुबह कॉफी पीने से हार्ट डिजीज के कारण मौत का जोखिम कम हो जाता है। पूरी खबर पढ़िए…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *