सेहत का विज्ञान: 5 आदतें, जो आपको रखेंगी स्वस्थ:  सेहत दवाइयों से नहीं, हेल्दी आदतों से है, जानें लंबी उम्र का साइंटिफिक फॉर्मूला
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सेहत का विज्ञान: 5 आदतें, जो आपको रखेंगी स्वस्थ: सेहत दवाइयों से नहीं, हेल्दी आदतों से है, जानें लंबी उम्र का साइंटिफिक फॉर्मूला

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20 घंटे पहलेलेखक: रेणु रखेजा

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लंबी उम्र का राज किसी चमत्कारी दवा में नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों में छिपा है। इस साल आपका असली ध्यान अपने कार्डियो-मेटाबॉलिक जोखिम को कम करने पर होना चाहिए। जैसे ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, खराब कोलेस्ट्रॉल, पेट की चर्बी और शरीर में सूजन। साथ ही मांसपेशियों को मजबूत, शरीर को एक्टिव और दिमाग को तेज रखना भी जरूरी है। ये आदतें आपको लंबे और स्वस्थ जीवन की ओर ले जाती हैं।

ये हैं वो 5 आदतें

हर हफ्ते पर्याप्त एक्टिविटी जरूरी

हर हफ्ते 150-300 मिनट चलना, दौड़ना या कोई भी एक्टिविटी करने से दिल-फेफड़ों की क्षमता, इंसुलिन सेंसिटिविटी, मूड और ब्लड प्रेशर बेहतर होता है। समय कम हो तो छोटे मूवमेंट स्नैक्स अपनाएं। जैसे खाने के बाद 10 मिनट चलना या दिन में तीन बार 5-5 मिनट ब्रिस्क वॉक करना।

द लैंसेट पब्लिक हेल्थ की स्टडी के मुताबिक, रोजाना 7000 स्टेप्स चलने से मौत का जोखिम 47% कम, दिल की बीमारी का खतरा 25%, कैंसर से मौत 37%, टाइप-2 डायबिटीज 14%, डिमेंशिया 38% और डिप्रेशन का खतरा 22% तक कम हो होता है।

40 की उम्र के बाद मांसपेशियां घटने लगती हैं। इसलिए हफ्ते में 60 मिनट स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें। जैसे चेयर स्क्वैट्स, वॉल पुश-अप्स और बैंड रो ये मांसपेशियां, हड्डियां और जोड़ों को मजबूत बनाती हैं।

ज्यादातर दिन होल-फूड पैटर्न चुनें

लंबी उम्र और बेहतर सेहत के लिए भोजन प्राकृतिक और खाद्य पदार्थों पर आधारित होना चाहिए। खाने में आधी प्लेट सब्जियां, एक मुट्‌ठी प्रोटीन, एक मुट्ठी कार्ब्स और दही/छाछ शामिल करें। यह पैटर्न शरीर, दिल और दिमाग को लंबे समय तक स्वस्थ रखता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक स्टडी में मेडिटेरियन डाइट अपनाने से किसी भी कारण से मौत का जोखिम 23% कम पाया गया।

प्रोटीन और फाइबर को प्राथमिकता दें

ये दोनों पोषक तत्व भूख नियंत्रण और मेटाबॉलिक सेहत से सीधे जुड़े हैं। प्रोटीन मांसपेशियों को बचाता है। फाइबर गट माइक्रोबायोम और शुगर कंट्रोल सुधारता है। जामदा, अमेरिका की एक स्टडी में ज्यादा प्रोटीन खाने वालों में मांसपेशियों का नुकसान 40% तक कम पाया गया। इसलिए हर मील में प्रोटीन (अंडा, पनीर, टोफू, दाल, दही) और रोज कम-से-कम दो फाइबर सोर्स शामिल करें।

एडेड शुगर घटाएं, खासकर लिक्विड शुगर

शुगरी ड्रिंक्स जैसे शक्कर वाली चाय/कॉफी, पैकेज्ड जूस और सॉफ्ट ड्रिंक्स शरीर में ग्लूकोज को बहुत तेजी से बढ़ाते हैं और अतिरिक्त कैलोरी देते हैं।

WHO के मुताबिक, रोजाना कुल कैलोरी का 10% से कम शुगर लेना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य और बीमारी के जोखिम को कम करने के लिए, यह 5% से भी कम रखने की सलाह दी गई है। अगर कोई व्यक्ति दिन में 2000 कैलोरी लेता है तो शुगर से आने वाली कैलोरी 50–100 कैलोरी से अधिक नहीं होनी चाहिए।

अपने नंबर्स जानें और जल्दी कदम उठाएं

अपने ब्लड प्रेशर, HbA1c/फास्टिंग शुगर, कोलेस्ट्रॉल, कमर के साइज और वजन को नियमित रूप से ट्रैक करें। जैसा कि कहावत है, ‘जो नापा जा सकता है, वही सुधारा जा सकता है’।

रिसर्च बताती है कि BP को नियंत्रित करना (लाइफस्टाइल बदलकर और जरूरत पड़ने पर दवा से) मुख्य हार्ट डिजीज और स्ट्रोक के जोखिम को कम करता है। अगर आप लाइफस्टाइल बदल रहे हैं या स्वास्थ्य सुधार पर काम कर रहे हैं तो हर 3–6 महीने में अपने आंकड़ों की जांच करें।

2026 का आसान स्टार्टिंग प्लान

  • रोज पैदल चलें।
  • हफ्ते में दो बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें
  • जल्दी डिनर करें और फर्स्ट मील में प्रोटीन चुनें।
  • उठने की नियमित टाइमिंग बनाएं।

रेणु रखेजा जानी-मानी न्यूट्रिशनिस्ट एवं हेल्थ कोच हैं।

@consciouslivingtips

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