FM Nirmala Sitharaman on Gold Silver Price: वित्त मंत्री के मुताबिक, गोल्ड की कीमतों में अस्थिरता इस बात का संकेत है कि निवेशक फिलहाल किसी भी मुद्रा को पूरी तरह सुरक्षित नहीं मान रहे हैं।
FM Nirmala Sitharaman on Gold Silver Price: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सोने की कीमतों में जो तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, उसकी बड़ी वजह दुनियाभर में बनी अनिश्चितता है। पीटीआई से बातचीत में उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर हालात साफ नहीं हैं, जिस वजह से निवेशकों का भरोसा किसी एक करेंसी पर टिक नहीं पा रहा है। यही कारण है कि लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर भागते हैं, लेकिन जब बाजार में डर और असमंजस बढ़ता है तो सोने की कीमतों में भी भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। वित्त मंत्री के मुताबिक, गोल्ड की कीमतों में अस्थिरता इस बात का संकेत है कि निवेशक फिलहाल किसी भी मुद्रा को पूरी तरह सुरक्षित नहीं मान रहे हैं।
सोने चांदी के रेट में बड़ी गिरावट
सोमवार को घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 0.19 फीसदी टूटकर करीब ₹147,475 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, बीते पांच दिनों में सोने की कीमतों में 13 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। 29 जनवरी 2026 को जहां सोना करीब ₹1,70,480 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर था, वहीं अब यह फिसलकर ₹1,47,500 के आसपास आ गया है। इससे निवेशकों में हलचल जरूर बढ़ी है, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह गिरावट ग्लोबल फैक्टर्स से जुड़ी है।
निवेश को बढ़ावा देना प्राथमिकता
बजट को लेकर बात करते हुए वित्त मंत्री ने साफ कहा कि सरकार की प्राथमिकता निवेश को बढ़ावा देना है, ताकि देश की आर्थिक रफ्तार बनी रहे। उन्होंने बताया कि बजट में लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स पर खास ध्यान दिया गया है, जिससे रोजगार के मौके भी बढ़ें। अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा कि सरकार ने स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स, फिस्कल अनुशासन और मौद्रिक स्थिरता पर काम किया है, साथ ही पब्लिक इनवेस्टमेंट को मजबूत रखा है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार समावेशी विकास और वैश्विक बाजारों से जुड़े रहने पर फोकस कर रही है।
STT पर क्या बोलीं वित्त मंत्री
इसके अलावा बजट 2026 में डेरिवेटिव ट्रेडिंग करने वालों को झटका देते हुए STT यानी सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर STT को 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर 0.1 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह कदम सट्टेबाज़ी को हतोत्साहित करने के लिए उठाया गया है, ताकि लोग बिना सोचे-समझे डेरिवेटिव ट्रेडिंग में पैसा न झोंकें। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि आने वाले महीनों में प्राइवेट कंजम्पशन मजबूत रहेगा और सरकार विनिवेश व एसेट मोनेटाइजेशन की रफ्तार भी बनाए रखेगी।








