स्प्लेंडर, शाइन जैसी बाइक्स ₹10 हजार तक सस्ती होंगी:  हिमालयन, शॉट गन जैसी गाड़ियां ₹40 हजार तक महंगी, जीएसटी 2.0 का असर
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

स्प्लेंडर, शाइन जैसी बाइक्स ₹10 हजार तक सस्ती होंगी: हिमालयन, शॉट गन जैसी गाड़ियां ₹40 हजार तक महंगी, जीएसटी 2.0 का असर

Spread the love


मुंबई16 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
3 सितंबर को GST काउंसिल ने नए स्लैब का ऐलान किया था। - Dainik Bhaskar

3 सितंबर को GST काउंसिल ने नए स्लैब का ऐलान किया था।

350cc तक की मोटरसाइकिलों पर जीएसटी 28% से घटकर 18% होने से कई पॉपुलर मॉडल्स की बाइक्स 22 सिंतबर से सस्ती हो जाएंगी। इसमें हीरो स्प्लेंडर, होंडा शाइन, टीवीएस रेडर जैसी बाइक्स शामिल हैं। ये बाइक्स करीब 10 हजार रुपए तक सस्ती हो सकती हैं।

वहीं 350cc से ऊपर की बाइक्स पर 40% टैक्स लगेगा। सरकार ने इन्हें ‘सिन और लग्जरी आइटम्स’ की कैटेगरी में रखा है। इससे ये बाइक्स करीब 40 हजार रुपए तक महंगी हो सकती है। इसमें 440-650cc रॉयल एनफील्ड बाइक्स, केटीएम 390 जैसी बाइक्स शामिल हैं।

मोटो मॉरिनी ने दो बाइक्स के दाम 91 हजार रुपए तक घटाए

GST के नए स्लैब लागू होने से पहले इटली की कंपनी मोटो मॉरिनी ने अपनी दो बाइक्स के दाम 91 हजार रुपए तक घटा दिए हैं। इसमें रेट्रो स्ट्रीट और स्क्रैम्बलर शामिल हैं।

इस साल दूसरी बार मोटो मॉरिनी बाइक्स की कीमतों में कटौती

  • 2025 की शुरुआत में मोटो मॉरिनी की 650 रेट्रो स्ट्रीट की कीमत 6.99 लाख रुपए थी, जबकि 650 स्क्रैम्बलर 7.10 लाख रुपए में मिलती थी।
  • इस साल फरवरी में इनकी कीमतों में 2 लाख रुपए की कटौती की गई थी, जिसके बाद रेट्रो स्ट्रीट 4.99 लाख और स्क्रैम्बलर 5.20 लाख रुपए में आ गई थीं।
  • अब ब्रांड ने कीमतों में और कटौती की है, जिससे मोटो मॉरिनी ने अब दोनों मॉडल्स की कीमत को एक समान 4.29 लाख रुपए कर दिया है।
  • हालांकि, 22 सितंबर 2025 से नई जीएसटी दरें लागू होने के बाद दोनों बाइक्स की कीमतों में 33,000 रुपए की बढ़ोतरी होगी।

रॉयल एनफील्ड इंटरसेप्टर के करीब आई कीमतें

इस प्राइस कट के बाद, मोटो मॉरिनी की ये बाइक्स रॉयल एनफील्ड इंटरसेप्टर 650 (3.10 लाख से शुरू) और बियर 650 (3.46 लाख से शुरू) के करीब आ गई हैं।

भारी उद्योग मंत्रालय बोला- ज्यादा एक्सेसिबल हो जाएंगी बाइक्स

भारी उद्योग मंत्रालय ने कहा- कम जीएसटी से बाइक्स की कीमतें कम होंगी, जिससे ये युवाओं, प्रोफेशनल्स और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए ज्यादा एक्सेसिबल हो जाएंगी।

ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत में बाइक परिवहन का मुख्य साधन है। सस्ती बाइक्स से यहां के लोगों को सीधा फायदा होगा। मांग बढ़ने से ज्यादा रोजगार जनरेट होने की भी उम्मीद है।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *