स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:  हमारी वजह से पर्यावरण में कई विकृतियां आ गई हैं, प्रकृति में संतुलन बनाएं और वृक्ष लगाएं
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स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: हमारी वजह से पर्यावरण में कई विकृतियां आ गई हैं, प्रकृति में संतुलन बनाएं और वृक्ष लगाएं

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हरिद्वार14 घंटे पहले

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वर्तमान में हमारी वजह से प्रकृति और पर्यावरण में कई विकृतियां आ गई हैं। हमारा खान-पान, आहार-विहार, जीवन शैली में कोई अंकुश नहीं है, किसी प्रकार की मर्यादा नहीं है। इस प्रकार का जो स्वच्छंद जीवन है, जो मर्यादित नहीं है, जिसमें अंकुश नहीं है, उसने भारी उत्खनन पैदा किया है। धरती का भारी दोहन-उत्खनन हुआ है, हिमालय की हरीतिमा का हनन हुआ है। वायु मंडल और जल में भयानक प्रदूषण है। हमें स्वार्थी जीवन से अलग हटना चाहिए। धरती, प्रकृति में संतुलन पैदा करें। हम वृक्षों की ओर बढ़ें, वृक्ष लगाएं।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए प्रकृति की बेहतरी के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

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