स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:  शरीर के आसपास तो दुख रहेंगे, लेकिन हमारा शरीर सिर्फ दुख भोगने के लिए नहीं है, सकारात्मक रहें
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स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: शरीर के आसपास तो दुख रहेंगे, लेकिन हमारा शरीर सिर्फ दुख भोगने के लिए नहीं है, सकारात्मक रहें

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हरिद्वार3 घंटे पहले

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जन्म लेते ही कई प्रकार की प्रतिकूलताएं मनुष्य के सामने आ जाती हैं। जन्म में भी दुख है, जैसे माता को प्रसव की पीड़ा भोगनी पड़ती है, जन्म लेते ही बालक रोने लगता है। मृत्यु काल में भी तो दुख है, परिजन बिलखते हैं और सभी दुखी होते हैं। ऐसा कहा जा सकता है कि शरीर के आसपास तो दुख रहेंगे ही, लेकिन ये शरीर केवल दुख भोगने के लिए नहीं मिला है। हमें ये शरीर परमसुख प्राप्त करने के लिए, आनंद के लिए मिला है। इसलिए समस्याओं में निराश नहीं होना चाहिए और विचारों को सकारात्मक बनाए रखना चाहिए।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए सफलता पाने के लिए क्या करना चाहिए?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

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