स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:  दुख का मूल कारण अनियंत्रित इच्छाएं हैं, व्यक्ति बिना मेहनत के सबकुछ पाना चाहता है
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स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: दुख का मूल कारण अनियंत्रित इच्छाएं हैं, व्यक्ति बिना मेहनत के सबकुछ पाना चाहता है

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  • Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. The Root Cause Of Suffering Is Uncontrolled Desires, A Person Wants To Get Everything Without Hard Work.

हरिद्वार8 घंटे पहले

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मनुष्य के दुख का मुख्य कारण उसकी अनियंत्रित कामनाएं हैं। वह बिना मेहनत और योग्यता के सबकुछ पाने की इच्छा रखता है। ये निरंतर बढ़ती इच्छाएं उसे असंतुष्ट बना देती हैं। उसकी कामनाएं इतनी प्रबल हो जाती हैं कि वह सत्य-असत्य का भेद भूलकर काम करने लगता है। जीवन में अतृप्तता के कारण व्यक्ति कभी सुखी नहीं हो पाता।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए जीवन में शांति कैसे मिल सकती है?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

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