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- Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. When We Improve Our Thoughts, Character, And Actions, Our Personality Truly Shines.
हरिद्वार5 दिन पहले
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हमारे व्यक्तित्व के तीन रूप हैं- स्थूल, सूक्ष्म और आध्यात्मिक। स्थूल व्यक्तित्व में हमारा शरीर, वाणी और व्यवहार आते हैं। सूक्ष्म व्यक्तित्व में विचार, भावना और बुद्धि आते हैं, जबकि आध्यात्मिक व्यक्तित्व हमारे वास्तविक अस्तित्व को दर्शाता है। जीवन में संतुलन के लिए इन तीनों स्तरों पर काम करने की जरूरत है। स्थूल व्यक्तित्व शुद्ध और संयमित होना चाहिए। वाणी मधुर और नियंत्रित रहे, व्यवहार शालीन हो, विचार शुभ और सकारात्मक हों। जब हम अपने विचार, स्वभाव और कर्मों को सुधारते हैं, तभी संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास संभव होता है।
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