स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:  हमारे पास जो कुछ है, उसे पर्याप्त मानकर संतोष से रहना सीखें, क्योंकि संतोष के बिना सुख नहीं
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स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: हमारे पास जो कुछ है, उसे पर्याप्त मानकर संतोष से रहना सीखें, क्योंकि संतोष के बिना सुख नहीं

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  • Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. Learn To Be Content With What We Have And Consider It Sufficient, Because Without Contentment There Is No True Happiness.

हरिद्वार4 घंटे पहले

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जीवन में जो कुछ हमें मिला है, उसके लिए हमें आभार और श्रद्धा रखनी चाहिए। हमारे पास जो कुछ है, उसे पर्याप्त मानकर संतोष से रहना सीखें। बिना संतोष के सुख नहीं मिलता। संतुष्टो येन केनचित् का अर्थ है- जो भी उपलब्ध है, उसमें संतुष्ट रहना चाहिए। इसका मतलब यह नहीं कि हम आगे बढ़ने की इच्छा छोड़ दें। जीवन में प्रगति, उन्नति और बेहतर भविष्य के लिए सपने और लक्ष्य जरूरी हैं। लक्ष्यों के लिए हमें मेहनत करनी चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए, लेकिन जो हमें मिला है उसका भी सम्मान करें।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए किन चीजों के लिए हमें कृतज्ञ रहना चाहिए?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

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