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- Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. When A Person Moves Away From Truth, Their Life Becomes Filled With Confusion And Unrest.
हरिद्वार15 घंटे पहले
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प्रकृति हर जीव के लिए सहयोगी है। वह कभी माता की तरह पालन करती है, कभी मित्र बनकर साथ देती है और कभी सेविका बनकर हमारी जरूरतें पूरी करती है। प्रकृति हमें भोजन, जल, वायु और जीवन के लिए आवश्यक सभी साधन प्रदान करती है। यह सब परमात्मा की देन है, जो हमारे रक्षण और पोषण के लिए है, लेकिन मनुष्य की लालच की कोई सीमा नहीं है, लालची को कोई संतुष्ट नहीं कर सकता। इसलिए हमें प्रकृति के नियमों का पालन करना चाहिए, उसका संरक्षण करना चाहिए और उसका दुरुपयोग नहीं करना चाहिए, ताकि जीवन संतुलित और सुखमय बना रहे।
आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए जीवन में रोग क्यों आते हैं?
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