स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:  विनयशील, सरल, सहज, स्वाभाविक और निर्दोष बनें, ये गुण सभी को आकर्षित करते हैं
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स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र: विनयशील, सरल, सहज, स्वाभाविक और निर्दोष बनें, ये गुण सभी को आकर्षित करते हैं

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  • Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. Be Polite, Simple, Spontaneous, Natural And Innocent, These Qualities Attract Everyone.

हरिद्वार11 घंटे पहले

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विनयशील, सरल, सहज, स्वाभाविक, निर्दोष बने रहना चाहिए। ये सभी गुण हम में जन्म से ही हैं। ये गुण सभी को आकर्षित करते हैं। इसलिए हम में निश्चलता रहनी चाहिए, हम विनयी बनें। विद्या हमें विनय देती है, हमें झुकना आता है। विनय ही धर्म सिद्धि के लिए, अर्थ प्राप्ति के लिए, अनंत ऊंचाइयों के लिए सहायक बनता है। प्रकृति और देवगणों को भी विनम्रता ही प्रिय है। इसलिए विनयी बनें, सरल बनें, हमारा जीवन अहंकार शून्य हो।

आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए हमारे जीवन में विनय का सही अर्थ क्या है?

आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।

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