- Hindi News
- National
- Railway Employees Diwali Bonus | Union Cabinet Decision | Ashwini Vaishnaw
नई दिल्ली31 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

रेल मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले रेलवे के करीब 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस देने की मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इस पर करीब ₹2,009 करोड़ खर्च होंगे।
बुधवार को कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके अलावा, सरकार ने तीन पेंशन योजनाओं से इंदिरा गांधी का नाम हटाकर उनमें प्रधानमंत्री शब्द जोड़ने का फैसला किया है।
दिव्यांगों की पेंशन नियमों में भी बदलाव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत अब दिव्यांगों को 18 साल की बजाय जन्म से पेंशन मिलेगी। कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला भी लिया है।

कैबिनेट के 3 बड़े फैसले
1. रेलवे कर्मचारियों को ₹17,951 तक बोनस
रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाले प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा ₹7,000 तय की गई है। इस आधार पर 78 दिन के बोनस की अधिकतम रकम ₹17,951 बनती है।
बोनस का कैलकुलेशन:
₹7,000 × 12 × 78 ÷ 365 = ₹17,951
यह अधिकतम गणना की रकम है। कर्मचारियों को मिलने वाला वास्तविक बोनस उनकी पात्रता और लागू नियमों के आधार पर अलग हो सकता है।
रेलवे के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में 1,670 मिलियन टन माल की ढुलाई की गई, जो उस साल का रिकॉर्ड था। इस दौरान रेलवे से करीब 7.41 अरब यात्रियों ने सफर किया।
रेल मंत्री ने कहा कि बोनस का मकसद कर्मचारियों को उनकी मेहनत के लिए प्रोत्साहित करना और रेलवे के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करना है।

2. दिव्यांगता की पात्रता सीमा 80% से घटाकर 40%
नई व्यवस्था में पेंशन के लिए बेंचमार्क दिव्यांगता की सीमा 80% से घटाकर 40% कर दी गई है। इससे पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले अधिक दिव्यांग लोग योजना के दायरे में आ सकेंगे।
पेंशन की दरें इस तरह होंगी:
- 0 से 79 साल की उम्र: ₹375 प्रति माह।
- 80 साल या उससे अधिक उम्र: ₹625 प्रति माह।
नए नियमों के तहत पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और पेंशन की रकम से जुड़ी जानकारी सरकार दिशानिर्देश जारी होने के तीन महीने के भीतर लागू करेगी। दिव्यांगों की पात्रता में यह बदलाव दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार किया गया है।
इस कानून के तहत 40% या उससे ज्यादा दिव्यांगता वाले व्यक्ति को बेंचमार्क दिव्यांगता की श्रेणी में रखा जाता है। नियमों के मुताबिक, दिव्यांगों को मिलने वाली सहायता राशि समान श्रेणी की दूसरी योजनाओं के मुकाबले कम से कम 25% ज्यादा रखने का प्रावधान भी है।
3. सामाजिक सहायता कार्यक्रम पर ₹53,428 करोड़ खर्च होंगे
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इस दौरान योजना पर ₹53,428 करोड़ खर्च होंगे। इससे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लाभार्थियों को मदद मिलेगी।
इसके तहत बुजुर्गों और विधवाओं को पेंशन, दिव्यांगों को आर्थिक सहायता और परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मौत होने पर पात्र परिवार को मदद दी जाती है। NSAP की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए हुई थी।
यह संविधान के अनुच्छेद 41 में दिए गए नीति-निर्देशक सिद्धांतों से जुड़ा है और इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती है। सरकार के मुताबिक, बुजुर्गों और विधवाओं की पेंशन योजनाएं और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना पहले की तरह जारी रहेंगी। वहीं, अन्नपूर्णा योजना के तहत ऐसे पात्र बुजुर्गों को अनाज दिया जाता है, जिन्हें वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं मिलता।
—————————–
यह खबर भी पढ़ें….
27 अक्टूबर से काउंटर टिकट पर भी मिलेगा ट्रेन इंश्योरेंस: सुप्रीम कोर्ट का आदेश, रेलवे बोर्ड जिम्मेदार होगा

सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे को 27 अक्टूबर से काउंटर पर खरीदे जाने वाले टिकटों पर भी बीमा की सुविधा देने का निर्देश दिया है। अब ऑनलाइन टिकट खरीदने वालों की तरह रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर से टिकट लेने वाले यात्रियों को भी बीमा कवर मिलेगा। अदालत ने रेलवे बोर्ड को इस व्यवस्था को तय समय में लागू करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि निर्देश का पालन नहीं होने पर रेलवे बोर्ड सीधे जिम्मेदार होगा। पूरी खबर पढ़ें…







