158 साल पुराना कानून देता है टॉयलेट का अधिकार:  होटल में रुकें या नहीं, टॉयलेट इस्तेमाल करना आपका हक, जानें क्या है सराय एक्ट
महिला

158 साल पुराना कानून देता है टॉयलेट का अधिकार: होटल में रुकें या नहीं, टॉयलेट इस्तेमाल करना आपका हक, जानें क्या है सराय एक्ट

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2 दिन पहलेलेखक: संदीप सिंह

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हाल ही में एक परिवार राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर में दर्शन के लिए गया था। जहां परिवार की एक बीमार बुजुर्ग महिला को इमरजेंसी में वॉशरूम (टॉयलेट) की सख्त जरूरत थी। जब वह पास के एक होटल में पहुंचीं तो मदद की बजाय, होटल ने कुछ ही मिनटों के लिए वॉशरूम का इस्तेमाल करने पर 805 रुपए वसूल किए। इस अमानवीय और असंवेदनशील व्यवहार की जानकारी और बिल की फोटो परिवार की एक सदस्य ने लिंक्डइन पर शेयर की, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

पीड़ित परिवार के द्वारा लिंक्डइन पर शेयर किया गया बिल का फोटो

पीड़ित परिवार के द्वारा लिंक्डइन पर शेयर किया गया बिल का फोटो

इस घटना ने एक अहम सवाल खड़ा किया है कि क्या भारत में वॉशरूम के इस्तेमाल को लेकर नागरिकों के कुछ कानूनी अधिकार हैं?

तो चलिए, आज ‘जानें अपने अधिकार’ कॉलम में हम बात करेंगे कि भारत में वॉशरूम के इस्तेमाल को लेकर क्या नियम-कानून है? साथ ही जानेंगे कि-

  • अगर कोई इनका उल्लंघन करे तो आप क्या कर सकते हैं?
  • होटल के खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है?

एक्सपर्ट: सरोज कुमार सिंह, अभिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट

सवाल- क्या होटल या रेस्त्रां वॉशरूम इस्तेमाल करने से मना कर सकते हैं?

जवाब- होटल या रेस्त्रां वॉशरूम का इस्तेमाल या पीने के पानी की सुविधा से मना नहीं कर सकते हैं। इसके पीछे एक पुराना लेकिन आज भी प्रभावी कानून है, इंडियन सराय एक्ट, 1867।

यह कानून ब्रिटिश काल में बना था। इस एक्ट की धारा 7(2) कहती है कि कोई भी व्यक्ति होटल या सराय से पानी पीने या वॉशरूम इस्तेमाल करने की मांग कर सकता है। चाहे वह वहां ठहरा हो या नहीं।

सवाल- सराय का क्या अर्थ है?

जवाब- सराय वह स्थान होता है, जहां यात्री थोड़े समय के लिए ठहरते हैं, उन्हें रहने, पीने का पानी और शौचालय जैसी सुविधाएं मिलती हैं। यह शब्द खासकर ब्रिटिश काल में इस्तेमाल होता था। आज के समय में ‘सराय’ शब्द होटल, लॉज, धर्मशाला या गेस्ट हाउस जैसे स्थानों के लिए लागू किया जाता है।

सवाल- क्या वॉशरूम का इस्तेमाल करने पर होटल या गेस्ट हाउस पैसे वसूल सकते हैं?

जवाब- इंडियन सराय एक्ट, 1867 के तहत वॉशरूम का इस्तेमाल करने के बदले पैसे वसूलना गैरकानूनी है। यह सुविधा होटल या गेस्ट हाउस को मुफ्त में देनी होती है। हालांकि मॉल, मल्टीप्लेक्स या प्राइवेट ऑफिस बिल्डिंग्स जैसे आधुनिक कमर्शियल स्पेस इस एक्ट के दायरे में स्पष्ट रूप से नहीं आते हैं।

सवाल- वॉशरूम का इस्तेमाल करने से मना करने पर यात्री के क्या अधिकार हैं?

जवाब- एडवोकेट सरोज कुमार सिंह बताते हैं कि अगर किसी होटल, गेस्ट हाउस या सार्वजनिक स्थल पर यात्री को वॉशरूम इस्तेमाल करने से रोका जाता है या इसके बदले में पैसे की मांग की जाती है तो यह गैरकानूनी है। यात्री स्थानीय नगर निगम, पर्यटन विभाग या जिला प्रशासन में शिकायत दर्ज करा सकता है। वहीं अगर इमरजेंसी या स्वास्थ्य से जुड़ी स्थिति में वॉशरूम से इनकार किया गया है तो यह मानव गरिमा और स्वास्थ्य के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। यात्री इस पर राज्य मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत कर सकता है। ऐसी स्थिति में कानूनी कार्रवाई संभव है।

सवाल- क्या महिलाओं और पुरुषों को लेकर वॉशरूम इस्तेमाल करने के कोई अलग नियम हैं? जवाब- इंडियन सराय एक्ट, 1867 और मानवाधिकार से जुड़े मौलिक सिद्धांत सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होते हैं। चाहे वह महिला हो, पुरुष, ट्रांसजेंडर या कोई बच्चा। किसी के लिए कोई अलग कानूनी नियम नहीं है।

सवाल- वॉशरूम के इस्तेमाल से मना करने पर होटल या गेस्ट हाउस के खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है?

जवाब- इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- वॉशरूम को लेकर अंतरराष्ट्रीय कानून भारत से कैसे अलग हैं?

जवाब- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, विशेष रूप से अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में वॉशरूम(टॉयलेट) एक्सेस को लेकर काफी स्पष्ट और सख्त कानून हैं। इन देशों में, निजी संस्थानों, जैसे कि होटल, रेस्टोरेंट और दुकानों को कभी-कभी गैर-ग्राहकों को भी वॉशरूम का इस्तेमाल करने की अनुमति देनी पड़ती है। यह विशेष रूप से आपातकालीन स्थितियों में या जब किसी व्यक्ति को मेडिकल से जुड़ी कोई इमरजेंसी होती है। जबकि भारत में ऐसा कोई विशेष कानून नहीं है, हालांकि अगर किसी व्यक्ति को वॉशरूम से मना किया जाता है तो इसे संविधान के तहत गरिमा और समानता के अधिकारों का उल्लंघन माना जा सकता है।

सवाल-क्या किसी राज्य में वॉशरूम इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग नियम हैं?

जवाब- नहीं, भारत में वॉशरूम इस्तेमाल को लेकर सभी राज्यों में एक जैसा कानून है। इंडियन सराय एक्ट के तहत सभी नागरिकों को यह अधिकार मिलता है। हालांकि मुख्य अधिकार समान रहते हैं।

सवाल- क्या होटल या गेस्ट हाउस को वॉशरूम की सफाई और सुविधाएं सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है?

जवाब- हां, होटल या गेस्ट हाउस को अपने वॉशरूम में साफ-सफाई और सही सुविधाएं देनी चाहिए। अगर उपभोक्ता ने इसके पैसे दिए हैं और सुविधाएं ठीक नहीं हैं तो उपभोक्ता के पास शिकायत करने का अधिकार है।

सवाल- अगर होटल ने वॉशरूम से इनकार किया और उपभोक्ता शिकायत करता है तो क्या होटल को माफी मांगनी पड़ेगी?

जवाब- हां, अगर होटल या गेस्ट हाउस वॉशरूम से इनकार करता है और उपभोक्ता शिकायत करता है, तो उसे माफी मांगनी पड़ सकती है। अगर उपभोक्ता को नुकसान हुआ है तो होटल को मुआवजा भी देना पड़ सकता है।

सवाल- अगर किसी होटल या गेस्ट हाउस में रुकने वाले यात्री ने पैसे दिए हैं, तो उसे कौन सी सुविधाएं मुफ्त में मिलनी चाहिए?

जवाब- अगर यात्री ने पैसे दिए हैं, तो उसे यह सुविधाएं मुफ्त में मिलनी चाहिए। जैसेकि-

1. वॉशरूम- साफ और सुरक्षित वॉशरूम की सुविधा।

2. पीने का पानी- पर्याप्त पानी की सुविधा।

3. बिस्तर और रूम की सफाई- अच्छे बिस्तर, ताजे कपड़े और रूम की सफाई।

4. वायरलेस इंटरनेट- मुफ्त वाईफाई (अगर उपलब्ध हो)।

5. बुनियादी टॉयलेटरीज- साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट आदि।

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