- चतुर्थ वक्री मंगल परेशानी दे सकता है। योजनाएं विफल हो सकती हैं और लेनदार आपको परेशान करेंगे।
- विवादित मामलों से आपको पीछे हटना पड़ सकता है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सावधानी बरतें।
- तृतीय राशि में वक्री मंगल से फिलहाल कोई परेशानी आने की संभावना नहीं है।
- योजनाओं में सफलता मिलेगी और लक्ष्य पूरे होंगे। नए बिजनेस ऑफर मिल सकते हैं।
- द्वितीय वक्री मंगल परेशानियों को खत्म करेगा और लंबे समय से अटके काम पूरे होंगे।
- आय का आधार मजबूत होगा और पहले से छूटे हुए काम भी संभल सकते हैं।
- इस राशि में वक्री मंगल गोचर कर रहा है। वक्री मंगल से कोई नुकसान नहीं होगा।
- आपको खुशी और शुभ समाचार प्राप्त होंगे। मान-सम्मान मिलेगा और आपका प्रभाव बढ़ेगा। नए कार्य होंगे।
- द्वादश वक्री मंगल की वजह से सावधान रहने का समय है। शांति और धैर्य के साथ समय बिताएं।
- विरोधी हावी होने की कोशिश करेंगे। उनका सामना गुप्त योजनाओं और ठंडे दिमाग से ही किया जा सकता है।
- एकादश वक्री मंगल शुभ रहेगा। नई जमीन, मकान, फ्लैट खरीदने का मन बनेगा और सफलता भी मिल सकती है।
- सरकार से काम में मदद मिलेगी। व्यापार बढ़ेगा और लाभ भी बढ़ेगा।
- मंगल इस राशि से दशम होकर वक्री है। ये आपको भूमि से विशेष लाभ पहुंचाएगा।
- वाहन सुख मिलेगा और किसी बड़े काम में सफलता मिलेगी।
- वक्री मंगल नवम होकर आपके लिए सामान्य रहेगा। लाभ-हानि बराबर रहेंगे।
- रिश्तेदारों में विवाद हो सकता है, जमीन के सौदों से बचने का प्रयास करें।
- मंगल के अष्टम राशि में वक्री होने से विवाद से बचने का प्रयास करें। हनुमान जी की पूजा करने से नुकसान से बच सकते हैं।
- बाएं पैर में दर्द रहेगा और अनावश्यक चिंताएं बढ़ेंगी। मदद मिलेगी।
- वक्री मंगल की सप्तम में पूर्ण दृष्टि रहेगी और इसका प्रभाव बढ़ेगा और आपको अपने सभी कार्यों में सफलता मिलेगी।
- कोर्ट-कचहरी और अन्य विवादित मामलों में सफलता मिलेगी। नए कार्यों में सफलता मिलेगी।
- छठा वक्री मंगल स्वास्थ्य लाभ देगा। लंबित कार्यों में गति आएगी। नई योजनाएं भी बनेंगी।
- विवाद समाप्त होंगे और सुखद समाचार प्राप्त होंगे।
- पांचवां वक्री मंगल शुभ समाचार दिलाएगा। सफलता मिलेगी। भूमि से लाभ होगा और व्यापार में उन्नति होगी।
- कुंवारों के लिए विवाह के अवसर भी बनेंगे। प्रेम में भी सफलता मिलेगी।