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3 दिन पहले
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IIT मद्रास के डायरेक्टर प्रो. वी कामकोटि को गोमूत्र विशेषज्ञ कहने के विरोध में देशभर के 215 मौजूदा और पूर्व कुलपतियों, शिक्षाविदों ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को चिट्ठी लिखी है।
चिट्ठी में लिखा है…
किसी शिक्षाविद् पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करते वक्त तथ्य और उस व्यक्ति की गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी का मजाक उड़ाना सही नहीं।

पूरा विवाद एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में चर्चा के दौरान प्रियंका के बयान पर हुआ। उन्होंने कहा था- सरकार की बनाई नई कमेटी में एक्स-IB चीफ, IT कंपनी के मालिक और गोमूत्र के विशेषज्ञ हैं। गोमूत्र विशेषज्ञ को शिक्षा के बारे में क्या पता होगा।
चिट्ठी में और क्या लिखा, दो पॉइंट्स में समझें…
- ‘भारत की संसद में विचारों पर बहस होती है। असहमतियां गरिमा के साथ रखी जाती हैं। किसी व्यक्ति की पहचान उसके तर्कों की मजबूती के आधार पर की जाती है, न कि उसका मजाक उड़ाकर।’
- ‘हमें उस बयान पर निराशा है, जिसमें आपने IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि को गोमूत्र विशेषज्ञ कहा। यह टिप्पणी चाहे व्यंग्य के रूप में की हो, राजनीतिक बयानबाजी के तहत। इसका असर बहुत ज्यादा होता है।’
2025 में वायरल हुआ था कामकोटि का वीडियो

2025 में प्रो. कामकोटि का एक वीडियो सामने आया था। इसमें वे दावा करते नजर आ रहे थे कि गाय की यूरिन यानी गोमूत्र में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होता है। ये कई बीमारियों को ठीक कर सकता है। इन बीमारियों में IBS या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम भी शामिल है।
प्रोफेसर ने 2021 में पब्लिश नेचर जर्नल का लेख दिखाया था
अपनी बात को साबित करने के लिए प्रो. कामकोटि ने जून 2021 में साइंस जर्नल नेचर में पब्लिश आर्टिक शेयर किया था। इसमें नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट के एनिमल बायोटेक्नोलॉजी सेंटर और सेल बायोलॉजी एंड प्रोटिओमिक्स लैब से जुड़े साइंटिस्ट्स ने गोमूत्र में पेप्टाइड प्रोफाइलिंग के रिजल्ट पब्लिश किए थे।
साइंटिस्ट्स ने निष्कर्ष निकाला था- गाय के मूत्र में हजारों एन्डोजिनस पेप्टाइड्स की डिस्कवरी के लिए सिंपल मेथड बताई गई है। ये गोमूत्र से जुड़ी अलग-अलग बायोएक्टिविटी में मदद करते हैं।
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