5 रुपए के सिक्कों ने बचा ली थी सैनिक की जान, केबीसी में सुनाई दिल दहला देने वाली घटना
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5 रुपए के सिक्कों ने बचा ली थी सैनिक की जान, केबीसी में सुनाई दिल दहला देने वाली घटना

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इस वक्त पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसमें गई पर्यटकों की जान की खबर से सभी देशवासियों का दिल दहला हुआ है। इसी बीच ‘कौन बनेगा करोड़पति’ का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें परमवीर चक्र से सम्मानित सूबेदार मेजर योगेंद्र सिंह यादव  अपनी कहानी सुनाई है कि कैसे पाकिस्तानियों के हमले में उनकी जान लगभग चली गई थी, मगर कहते हैं ना ‘जाको राखे साइयां मार सके ना कोई।’ ऐसा ही कुछ उनके साथ हुआ, उनकी जेब में पड़े कुछ पांच के सिक्कों के कारण उनकी जान बच गई। कैसे? आइये इस खबर में आपको बताते हैं।

सेना के जवान ने अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठे थे और अपनी कहानी सुना रहे थे। जो वीडियो सामने आया है उसमें उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के सैनिक आए, उन्होंने राइफल मेरे सीने की तरफ तानी, जब उसने गोली चलाई तो यहां पर (सीने के पास वाली जेब में) मेरे पर्स में 5 रुपये के सिक्के भी थे। जब गोली जाकर सिक्कों पर टकराई तो मुझे भी आभास हुआ कि मैं तो मर चुका हूं। पाकिस्तान का दूसरा सैनिक आया उसने मेरा एके 47 उठाया और वापस मुड़ा तो उसका पैर मेरे पैर पर टकराया, तब मुझे लगा मैं तो जिंदा हूं। मेरे पास एक ग्रेनेड था मैंने उसका पिन निकाला और फेंका, तो कोट के अंदर हुड लगे हुए थे और हुड के अंदर वो गिरा उसने देखा पीछे तो कोई मूवमेंट था नहीं जब तक वो ग्रेनेड को निकाल पाता ग्रेनेड फट गया। उसका पूरा सिर उड़ा और हमारे ऊपर आकर गिरा।”

सैना के जवान ने आगे कहा, “जो पाकिस्तान के दूसरे सैनिक थे उनमें खलबली मची कि इनमें से कोई जिंदा है… उनमें खलबली मची, मेरे पास वो ही एक ही मौका था मैंने दोनों हाथों उसकी राइफल उठाने की कोशिश की एक हाथ हिला नहीं। एक हाथ से फायरिंग की और चार-पांच पाकिस्तानियों को मौत की नींद सुला दिया।”

इस वीडियो पर इस वक्त खूब रिएक्शन सामने आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि ये ही असली हीरो हैं, इन पर फिल्म ननी चाहिए। वहीं कुछ ने 5 रुपये के सिक्के को बुलेटप्रूफ बताया।

बता दें कि ये योगेंद्र सिंह यादव कारगिल की लड़ाई के लिए परमवीर चक्र पाने वाले सेना के जवान हैं। जो अपने दो अन्य साथियों के साथ केबीसी के स्पेशल एपिसोड में बतौर कंटेस्टेंट पहुंचे थे और उन्होंने अपनी और भारत सेना के बहादुरी के किस्से सुनाए थे।





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