AAP सांसद संजय सिंह BJP पर हमलावर:  बोले- भाजपा सरकार बनी ‘पेपर लीकिया सरकार’, केजरीवाल ने भी ट्वीट कर कसा तंज – New Delhi News
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AAP सांसद संजय सिंह BJP पर हमलावर: बोले- भाजपा सरकार बनी ‘पेपर लीकिया सरकार’, केजरीवाल ने भी ट्वीट कर कसा तंज – New Delhi News

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आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “पेपर लीकिया सरकार” करार दिया है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि गुजरात से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक लगातार हो रहे पेपर लीक केवल प्रशासनिक नाकामी नहीं हैं, बल्कि यह पेपर लीक कराने वाली कंपनियों के मालिकों और भाजपा के शीर्ष नेताओं व मुख्यमंत्रियों के बीच की मिलीभगत का नतीजा है। हाल ही में गुजरात आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के तीसरे वर्ष का ‘शैल तंत्र वन’ का पेपर लीक होने का हवाला देते हुए संजय सिंह ने कहा कि गुजरात में पिछले 10 वर्षों से पेपर लीक का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसमें तलाठी, TET, लोक रक्षक दल, सचिवालय क्लर्क, वन रक्षक और जूनियर क्लर्क जैसी कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं शामिल हैं। उन्होंने ‘Edu Test’ नामक कंपनी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि गुजरात में ब्लैकलिस्ट किए जाने के बावजूद इस कंपनी को बिहार और फिर उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती परीक्षा कराने का ठेका दिया गया, जहां इसने दोबारा पेपर लीक कराया। संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दावे को ‘सफेद झूठ’ करार दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि पेपर लीक कराने वाले जेलों में सड़ रहे हैं। आप सांसद ने सवाल उठाया कि 2024 के NEET पेपर लीक के मुख्य आरोपी संजीव मुखिया के खिलाफ सीबीआई 90 दिनों में चार्जशीट भी दाखिल नहीं कर पाई और बाद में सबूत न होने की बात कहकर उसे राहत दे दी गई। उन्होंने कहा कि Fast-Track Court बनाना सिर्फ एक दिखावा है, जब तक कि जांच एजेंसियां निष्पक्ष होकर साक्ष्य न जुटाएं। इसके अलावा, उन्होंने दिल्ली में गरीबों को खाना बांटने वाले कार्यकर्ताओं पर हुई पुलिस कार्रवाई की भी कड़े शब्दों में निंदा की। केजरीवाल ने ट्वीट कर भाजपा पर कसा तंज वहीं अरविंद के जरीवाल ने भी ट्वीट कर भाजपा सरकार पर तंज कसा है। केजरीवाल ने कहा कि देश भर में पेपर लीक के ख़िलाफ़ इतना बड़ा आंदोलन हुआ। युवाओं ने इतना अत्याचार सहा, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा हुआ। आज संसद पेपर लीक के ख़िलाफ़ एक “सख्त” क़ानून पर चर्चा कर रही है। इसी बीच गुजरात में एक और पेपर लीक की खबर सामने आई है। इस से यही निष्कर्ष निकलता है कि यदि पेपर लीक रोकने हैं तो बीजेपी को ही भगाना पड़ेगा।



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