AI समिट में शर्टलेस प्रदर्शन-यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को जमानत:  दिल्ली कोर्ट बोली- नारे भड़काऊ नहीं थे, लोगों को डराने का सबूत नहीं
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AI समिट में शर्टलेस प्रदर्शन-यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को जमानत: दिल्ली कोर्ट बोली- नारे भड़काऊ नहीं थे, लोगों को डराने का सबूत नहीं

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नई दिल्ली43 मिनट पहले

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भारत मंडपम में आयोजित AI समिट में 20 फरवरी को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। - Dainik Bhaskar

भारत मंडपम में आयोजित AI समिट में 20 फरवरी को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था।

दिल्ली की एक कोर्ट ने AI समिट में शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के नौ कार्यकर्ताओं को सोमवार को जमानत दे दी है। कोर्ट ने कहा कि यह प्रदर्शन सिर्फ सरकार की आलोचना करने का तरीका था। इसलिए मुकदमा शुरू होने से पहले किसी को जेल में रखना कानून के मूल सिद्धांतों के खिलाफ होगा।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि प्रदर्शन के समय लगाए गए नारे भड़काऊ नहीं थे। उनमें कोई धार्मिक या क्षेत्रीय रंग नहीं था। किसी तरह की तोड़फोड़ या लोगों को डराने का भी कोई सबूत नहीं मिला। कोर्ट ने यह भी बताया कि प्रदर्शन करने वालों को सुरक्षा के साथ बाहर ले जाया गया था।

कोर्ट ने कहा- आजादी अधिकार है और जेल केवल खास स्थिति में होनी चाहिए। अगर ट्रायल से पहले किसी को बिना जरूरी कारण के जेल में रखा जाए तो यह बिना सजा तय हुए ही सजा देने जैसा होगा।

न्यायिक मजिस्ट्रेट (फर्स्ट क्लास) रवि ने कृष्ण हरि, नरसिंह यादव, कुंदन कुमार यादव, अजय कुमार सिंह, जितेंद्र सिंह यादव, राजा गुर्जर, अजय कुमार विमल उर्फ बंटू, सौरभ सिंह और अरबाज खान की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया।

पुलिस शर्टलेस प्रदर्शन के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर ले गई थी।

पुलिस शर्टलेस प्रदर्शन के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर ले गई थी।

पुलिस ने जमानत का विरोध किया

दिल्ली पुलिस ने कहा कि आरोपी, जो इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं, 20 फरवरी को एआई समिट के स्थान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरों वाली सफेद टी-शर्ट पहनकर या हाथ में लेकर पहुंचे थे। इन टी-शर्ट्स पर इंडिया-यूएस ट्रेड डील, एपस्टीन फाइल्स और पीएम इज कम्प्रोमाइज्ड जैसे नारे लिखे थे।

पुलिस ने आरोप लगाया कि वहां अंतरराष्ट्रीय मीडिया मौजूद थी और उसी दौरान नारेबाजी की गई। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की हुई, जिससे कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस का कहना है कि इसके मेडिकल सबूत भी मौजूद हैं।

जमानत की मांग का विरोध करते हुए संविधान शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार देता है, लेकिन यह कुछ शर्तों के साथ आता है।

कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के हाथ से टी-शर्ट लेकर फेंकते दिखे थे।

कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के हाथ से टी-शर्ट लेकर फेंकते दिखे थे।

AI समिट से जुड़ा पूरा विवाद क्या है?

दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 20 फरवरी को AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ के नारे लगाए।

टी-शर्ट पर PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी है। उस पर लिखा था- PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड।

दिल्ली पुलिस ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की थी, जिनमें आपराधिक साजिश, पब्लिक सर्वेंट को चोट पहुंचाना, उन पर हमला करना और काम में बाधा डालना सहित कई गंभीर आरोप शामिल हैं।

इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के प्रेसिडेंट, उदय भानु चिब, और पूर्व नेशनल स्पोक्सपर्सन, भूदेव शर्मा को इस सिलसिले में 23 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। बाद में दोनों को दिल्ली की एक कोर्ट में पेश किया गया और पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।

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