खनन अधिकारी के सीज किए ट्रैक्टर को छुड़ाने के लिए रजबपुर परिसर में हंगामा कर नारेबाजी करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और सड़क जाम करने के आरोप में दस नामजद समेत 25 किसानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। 17 मार्च को खनन अधिकारी ने मिट्टी से भरा ट्रैक्टर पकड़ा था।
बाद में ट्रैक्टर को सीज कर रजबपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया। इसके बाद 18 मार्च की दोपहर करीब तीन बजे कुशल, हर्षित, धर्मेंद्र, जगतपाल, वीरपाल, मनोज, मोहन बेनीवाल, मुकेश, कुलदीप और रामपाल समेत 10-15 अज्ञात व्यक्ति रजबपुर थाना पहुंचे। आरोप है कि यह लोग खनन अधिकारी द्वारा मिट्टी खनन के मामले में सीज किए गए ट्रैक्टर को छुड़वाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने लगे।
सभी लोगों ने थाने में नारेबाजी करते हुए हंगामा किया और पुलिस के समझाने के बावजूद नहीं माने। इसके बाद उन्होंने बिना अनुमति थाना परिसर के अंदर सड़क पर बैठकर रास्ता जाम कर दिया। इस कारण थाने में आने वाले फरियादियों और अन्य लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने और काफी देर तक विरोध-प्रदर्शन करते रहे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने इसे सरकारी कार्य में बाधा और कानून व्यवस्था भंग करने का मामला माना।
सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि मामले में एसएसआई नरेशपाल राणा की तहरीर पर कुशल, हर्षित, धर्मेंद्र, जगतपाल, वीरपाल, मनोज, मोहन बेनीवाल, मुकेश, कुलदीप और रामपाल समेत 10-15 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।








