SIR मुद्दे पर चुनाव आयोग से मिले 10 टीएमसी सांसद:  डेरेक ओ ब्रॉयन बोले- ECI के हाथ खून से रंगे; हमने 5 सवाल पूछे, जवाब नहीं मिला
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SIR मुद्दे पर चुनाव आयोग से मिले 10 टीएमसी सांसद: डेरेक ओ ब्रॉयन बोले- ECI के हाथ खून से रंगे; हमने 5 सवाल पूछे, जवाब नहीं मिला

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नई दिल्ली5 घंटे पहले

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देशभर में SIR को लेकर जारी विवाद के बीच TMC के 10 सासंदों का डेलीगेशन शुक्रवार को दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलने पहुंचा। सांसदों और चुनाव आयुक्त के बीच करीब 2 घंटे तक मुलाकात चली।

मीटिंग से बाहर आने के बाद टीएससी सांसद डेरेक ओ ब्रॉयन ने कहा- हम चीफ इलेक्शन कमिश्नर और उनकी टीम से मिले। हमने सबसे पहले उन्हें SIR प्रोसेस की वजह से लगभग 40 मरे हुए लोगों की लिस्ट सौंपी।

हमने मीटिंग यह कहकर शुरू की कि मिस्टर कुमार और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के हाथ खून से रंगे हैं। हमने पांच सवाल पूछे, किसी का भी जवाब नहीं मिला। मीटिंग के अंदर जो हुआ, वो यही है।

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्ष 1 दिसंबर से शुरु हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र (विंटर सेशन) में इस मुद्दे पर हंगामा कर सकता है।

कांग्रेस का आरोप- SIR प्रक्रिया में BLO की मौत मर्डर है

कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया के दौरान काम के दबाव के चलते जान गंवाने वाले BLO की मौत को मर्डर बताया है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि 20 दिनों में 26 BLOs की मौत दिनदहाड़े मर्डर जैसी है। सुप्रिया ने गोंडा के BLO विपिन यादव का जिक्र करते हुए कहा कि उनके परिवार ने बताया है कि उन पर वोटर लिस्ट से पिछड़े वर्ग के लोगों के नाम हटाने का दबाव था।

सुप्रिया ने कहा कि यह कोई कहानी नहीं बल्कि देश के सामने एक कड़वा सच है। इतनी जल्दी क्या है? थोड़ा समय लेकर SIR करवाओ।

SIR का मामला कोई छोटा मामला नहीं है। यह वोट चोरी का सबसे ताकतवर तरीका है, और इसीलिए इसका इतने खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है।

SIR मामला सुप्रीम कोर्ट में, 2 दिसंबर को सुनवाई

SIR का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है। SIR के खिलाफ दायर तमिलनाडु, बंगाल और केरल की याचिका पर लगातार सुनवाई हो रही है। इस दौरान चुनाव आयोग ने कहा- SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दल जानबूझकर डर का माहौल बना रही हैं।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने केरल सरकार की याचिका पर केंद्र और राज्य चुनाव आयोग से 1 दिसंबर तक जवाब देने को कहा है। अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी।

वहीं, तमिलनाडु में याचिका पर 4 दिसंबर और पश्चिम बंगाल की याचिका पर 9 दिसंबर को सुनवाई होगी। इसी दिन चुनाव आयोग राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट भी जारी करेगा।

बेंच ने कहा- अगर राज्य सरकार मजबूत आधार देती हैं तो हम तारीख बढ़ाने का निर्देश दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि SIR पहले कभी नहीं हुआ, तो यह वजह EC के फैसले को चुनौती देने का आधार नहीं बन सकती।

12 राज्यों में SIR की प्रक्रिया जारी

चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का दूसरा फेज चल रहा है। इसकी फाइनल वोटर लिस्ट 7 फरवरी 2026 को पब्लिश होगी। SIR का पहला फेज बिहार में सितंबर में असेंबली इलेक्शन से पहले पूरा हो गया था।

इस एक्सरसाइज में अंडमान और निकोबार आइलैंड्स, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

ECI के अनुसार 4 नवंबर से शुरू हुआ काम 4 दिसंबर तक चलेगा। ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 9 दिसंबर को पब्लिश किए जाएंगे, इसके बाद 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक क्लेम और ऑब्जेक्शन का टाइम होगा।

नोटिस फेज (सुनवाई और वेरिफिकेशन के लिए) 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 के बीच होगा। फाइनल इलेक्टोरल रोल 7 फरवरी 2026 को पब्लिश होंगे।

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