राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद सभी आठ आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से आरोपियों को कोर्ट के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हाजिर किए जाने की संभावना है। विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट के समक्ष यह पेशी होगी।
इससे पहले 13 जुलाई को प्रभारी न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट प्रतिभा नारायण ने सभी आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा 27 जुलाई तक बढ़ा दी थी। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट रजत वर्मा की अदालत में सोमवार को सुनवाई होगी। विवेचक आशुतोष तिवारी सभी आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा बढ़ाने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करेंगे। न्यायालय सुनवाई के बाद संतुष्ट होने पर ही न्यायिक अभिरक्षा रिमांड बढ़ाने का आदेश पारित कर सकता है। आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन बैंक खाते में निकासी पर लगी रोक हटाने के मामले पर भी अदालत सोमवार को सुनवाई कर सकती है।
आख्या पर असंतुष्टि
23 जुलाई को सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने विवेचक आशुतोष तिवारी की ओर से प्रस्तुत आख्या पर असंतुष्टि जताई थी। न्यायाधीश ने फिर से आख्या तलब किए जाने का आदेश पारित किया था। नियत तिथि 27 जुलाई को सीओ आशुतोष तिवारी को तीन बिंदुओं पर आख्या स्पष्ट करने के लिए आदेशित किया गया था। इसमें पेंशन खाता किस प्रावधान के तहत फ्रीज किया गया, इसकी सूचना किस अदालत को दी गई, और फ्रीज करने की अनुमति के आदेश की प्रति प्रस्तुत करना शामिल है।
पेंशन खाते पर रोक हटाने की दी थी अर्जी
जेल में बंद आरोपी सुभाष श्रीवास्तव ने 18 जुलाई को कोर्ट में अर्जी दी थी। उन्होंने अपने पेंशन बैंक खाते को संचालित किए जाने का आदेश पारित करने की मांग की थी। प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि सेवानिवृत्त होने के बाद मिलने वाली पेंशन का बैंक खाता पुलिस ने फ्रीज कर दिया है। इससे परिवार का जीवन यापन और मासिक किस्तें जमा करना संभव नहीं हो पा रहा है।








