राजधानी लखनऊ में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व 28 मई को मनाया जाएगा। मुस्लिम समुदाय में इसे लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जहां बाजारों में बकरों की मंडी लगने लगी है। वहीं मस्जिदों और ईदगाहों में साफ-सफाई व व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं सुन्नी धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने बताया कि ऐशबाग स्थित ईदगाह में बकरीद की नमाज 28 मई को सुबह 10 बजे अदा की जाएगी। उन्होंने लोगों से समय से ईदगाह पहुंचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही सड़कों पर नमाज अदा न करने को कहा है, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने कुर्बानी के दौरान साफ-सफाई और एहतियात बरतने की भी अपील की। कुर्बानी निर्धारित स्थानों पर ही करें और अवशेष खुले में न डालें।
प्रशासनिक नियमों का पालन भी जरूरी
शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जवाद और मरकजी शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने भी बकरीद का पर्व 28 मई को मनाए जाने की बात कही। दोनों धर्मगुरुओं ने कहा कि धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ प्रशासनिक नियमों और सामाजिक जिम्मेदारियों का पालन भी जरूरी है।
सभी धर्म गुरुओं ने खुले में कुर्बानी नहीं करने की भी मुस्लिम समुदाय से अपील की है। बकरीद को लेकर प्रशासन भी सतर्क है। ईदगाहों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है, जबकि नगर निगम की ओर से सफाई और पेयजल की अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं।








