शबरात के मौके पर मीलाद सुनकर अपनी बेटियों के साथ घर जा रही महिला के ऊपर ईंटों की दीवार गिर गई। रात में हुए हादसे को देखकर बेटियों ने किसी तरह अपनी मां को मलबे से निकालकर बिसंडा पीएचसी पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बिसंडा थाना क्षेत्र के दूल्हा थोक मोहल्ला निवासी सलमान ने बताया कि उसकी मौसी सायदा (52) अपनी दो बेटियों हुस्ना बानो और गुलशिफा के साथ शबरात की रात (मंगलवार की रात) ईदगाह में मीलाद सुनने गईं थीं। वहां से रात करीब दो बजे वह मीलाद सुनकर पैदल अपने घर जा रहीं थीं। तभी ईदगाह के पास बाले पांडेय की ईंट की दीवार भरभराकर महिला के ऊपर गिर गई।
महिला मलबे में दबकर गंभीर घायल हो गईं। हादसा होते देख महिला से आगे चल रहीं दोनों बेटियों ने चीख पुकार मचाई, लेकिन रात दो बजे की वाकया होने पर कोई नहीं आया, तब उन्होंने किसी तरह से मलबे से अपनी घायल मां को बाहर निकाला और बिसंडा पीएचसी पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। सलमान के मुताबिक, सायदा के पति करीम बक्श की पांच साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। उसके तीन पुत्रियां एक पुत्र है। महिला मजदूरी करती थी। बिसंडा थाना इंस्पेक्टर राममोहन राय ने बताया कि ईंट की दीवार गिरने से हादसा हुआ है।








