यूपी के बाराबंकी में माती थाना क्षेत्र के मीरपुर मुजरा टाइकला गांव में मंगलवार रात संविदाकर्मी टेक्नीशियन दुर्गेश (21) की हत्या कर दी गई। उस पर शटरिंग की फंटी व ईंट से हमला किया गया। परिजनों ने इसे दुर्घटना दिखाने के लिए सबूत मिटाने का आरोप लगाया है।
बताया गया कि दुर्गेश 15 साल से मौसी संगीता के घर रहता था। मौसेरे भाई अखिलेश रावत ने बताया कि दुर्गेश विद्युत विभाग में टेक्नीशियन संविदा कर्मी के पद पर कार्यरत था। घटना की रात वह टावर का तार टूटने की सूचना पर श्रमिकों को बुलाने जा रहा था।
घर से 300 मीटर पहले आजाद नगर माइनर पर कुछ लोग डीजे बजाकर सड़क पर डांस कर रहे थे। दुर्गेश ने उन्हें किनारे हटने को कहा। इसी करो लेकर विवाद हो गया। आरोपियों ने उसे बुरी तरह पीटा। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे एंबुलेंस से सीएचसी, देवा भेजा गया। वहां उसकी मौत हो गई।
अखिलेश ने आजाद नगर के श्याम देव चौहान, अंकित, प्रमोद, प्यारे और राहुल चौहान पर हत्या का आरोप लगाया है। उसने प्रधान प्रतिनिधि की भूमिका भी संदिग्ध बताई है। मृतक दुर्गेश अविवाहित था। तीन भाइयों व एक बहन में सबसे बड़ा था।
अखिलेश का आरोप है कि प्रधान प्रतिनिधि ने परिजनों को सूचना नहीं दी। रात 2.00 बजे दुर्गेश के मोबाइल से सीएचसी प्रशासन ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। माती थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।








