bihar politics assembly elections amit shah suggested back to basics state unit leaders
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

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Bihar Politics: पिछले साल लोकसभा चुनाव में बीजेपी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। पार्टी 240 सीटों पर अटक गई थी। इसके बाद बीजेपी के लिए राहत की बात यह रही कि उसे हरियाणा, महाराष्ट्र् और दिल्ली के विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत मिली। इन राज्यों की जीत ने पार्टी में नई ऊर्जा का संचार किया है। ऐसे में बीजेपी के लिए अगला अहम टारगेट बिहार है, जहां इस साल के आखिरी में चुनाव होने हैं। ऐसे में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का दो दिन का बिहार दौरा अहम रहा।

केंद्रीय गृहमंत्री ने अमित शाह ने बिहार में कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान बीजेपी और NDA के सहयोगियों के साथ चर्चा की थी। शाह ने बीजेपी 84 विधायकों में से प्रत्येक को अगले छह महीनों के लिए बूथ प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने का काम सौंपा है। इस काम में बीजेपी के पदाधिकारी की सहायता ली जाएगी।

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महाराष्ट्र मॉडल का जिक्र करके क्या बोले अमित शाह?

बिहार बीजेपी के नेताओं के साथ बातचीत में अमित शाह ने कहा कि पार्टी को उन बूथों पर फोकस करने की जरूरत है, जहां बीजेपी के पारंपरिक वोटर बिल्कुल नहीं हैं। बता दें कि कुछ ऐसा ही बीजेपी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान किया था, जिसका पार्टी को बड़ा फायदा मिला था। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि बूथ मैनेंजमेंट के अलावा वेल्फेयर स्कीम के लाभार्थी BJP की चुनावी सफलता की अहम कड़ी रहे हैं।

लगभग हर महीने होगा पीएम मोदी का दौरा

बीजेपी नेताओं और पदाधिकारियों के साथ लगातार दो बैठकों में अमित शाह ने एक मजबूत एनडीए के बारे में बात की, जिसमें उन्होंने जेडीयू के चीफ और सीएम नीतीश कुमार का जिक्र किया। अमित शाह ने सहयोगियों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों तक लगभग हर महीने राज्य का दौरा करेंगे।

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अमित शाह के साथ बैठकों में मौजूद एक बीजेपी नेता कहा कि दोनों बैठकों से सबसे महत्वपूर्ण बात यह निकली कि बिहार को फिर से जीतना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 2026 में होने वाले बड़े विधानसभा चुनावों (पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल) के लिए गति तय करेगा। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सूक्ष्म स्तर पर बूथ प्रबंधन का मतलब बूथवार परिणामों का अध्ययन करना और स्थानीय सरकारी अधिकारियों से आयुष्मान भारत, पीएम उज्ज्वला योजना और पीएम आवास योजना जैसी लाभकारी योजनाओं को लागू करवाकर मतदाताओं को वापस जीतना है।

बूथ लेवल को मजबूत करने का लक्ष्य

आंतरिक बैठकों में अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र में 21% बूथ ऐसे थे, जहां पार्टी को अतिरिक्त वोट मिले, जिससे उसे राज्य में लोकसभा की संख्या में गिरावट देखने के महीनों बाद विधानसभा चुनावों में वापसी करने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि BJP को बिहार में भी यही लक्ष्य रखना चाहिए। गृह मंत्री ने एनडीए दलों के मजबूत सामाजिक संयोजन के बारे में भी बात की और कहा कि इससे पार्टी को बढ़त मिलेगी।

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अमित शाह ने पटना में एक कार्यक्रम में नीतीश कुमार के साथ मंच भी साझा किया, जहां 800 करोड़ रुपये की केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का शुभारंभ या अनावरण किया गया। बाद में अमित शाह ने गोपालगंज में एक जनसभा को भी संबोधित किया, जहां उन्होंने 1990 से 2005 तक सत्ता में रहने के दौरान विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर “जंगल राज” को लेकर निशाना साधा।

बता दें कि पिछले महीने जब गृहमंत्री अमित शाह बिहार आए थे, तो उन्होंने मिथिला क्षेत्र के सीतामढ़ी में सीता मंदिर के पुनरुद्धार की बात कही थी। NDA के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार BJP और JDU 100-100 सीटों पर चुनाव लड़ने की सोच रहे हैं, जबकि 43 सीटें हम (एस), चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा जैसे छोटे सहयोगियों के लिए छोड़ी गई हैं।





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