यमुनानगर से ताल्लुक रखने वाले बिहार कैडर के 2009 बैच के तेजतर्रार IPS अधिकारी बाबू राम को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर गैलेंट्री अवॉर्ड के लिए नामित हुए हैं। राष्ट्रपति द्वारा घोषित 233 जांबाजों की सूची में उनका नाम भी शामिल है।
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वर्तमान में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में उप महानिरीक्षक (DIG) के पद पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) में तैनात बाबू राम को नक्सलियों के खिलाफ उनके साहसी और सफल अभियानों के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया है।
किसान परिवार से IPS तक का सफर
यमुनानगर के जडोदी गांव से ताल्लुक रखने वाले बाबू राम का जन्म 10 दिसंबर 1976 को एक साधारण किसान और गरीब परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हरियाणा के जगाधरी सरकारी स्कूल से प्राप्त की और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, हरियाणा से उच्च शिक्षा पूरी की। इसके बाद इनकम टैक्स ऑफिसर और तहसीलदार के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। नौकरी के दाैरान कठिन परिश्रम से सिविल सेवा परीक्षा पास की और IPS बने।

डीआइजी बाबू राम अपनी पत्नी प्रभा व बच्चों के साथ।
बिहार पुलिस में शानदार करियर
2009 बैच के IPS अधिकारी बाबू राम ने बिहार पुलिस में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उन्होंने गया, शेखपुरा, बक्सर, समस्तीपुर और औरंगाबाद जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दीं। इसके अलावा, वे दरभंगा और भागलपुर में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर भी तैनात रहे। तीन साल पहले डीआईजी के रूप में प्रमोशन पाने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग बेगूसराय रेंज में हुई, जिसके बाद वे दरभंगा रेंज और मुजफ्फरपुर रेंज में डीआईजी के रूप में कार्यरत रहे।
नक्सलियों के खिलाफ साहसिक ऑपरेशन
बाबू राम को यह वीरता सम्मान 2016 में औरंगाबाद जिले में नक्सलियों के खिलाफ एक साहसिक ऑपरेशन के लिए दिया गया है। छकरबंधा के जंगलों में नक्सलियों ने कोबरा टीम पर घात लगाकर आईईडी विस्फोट किया था, जिसमें काफी नुकसान हुआ। उस समय SP के रूप में बाबू राम ने अपनी टीम का नेतृत्व किया और विपरित परिस्थितियों में नक्सलियों के हमले को नाकाम कर दिया।
उनकी अगुवाई में कोबरा की अगली टीम ने पहाड़ी पर बैठे नक्सलियों पर जवाबी हमला किया, जिसमें तीन नक्सलियों को मार गिराया गया और उनके हथियार जब्त किए गए। इसके साथ ही, उन्होंने अपने घायल साथियों को जंगल से सुरक्षित निकालकर उनकी जान बचाई।

पत्नी प्रभा सागर के साथ डीआईजी बाबू राम।
CISF में नई जिम्मेदारी
केंद्र सरकार ने उन्हें CISF में डीआईजी के पद पर प्रतिनियुक्ति किया। जुलाई 2025 की शुरुआत में उन्होंने दिल्ली में DMRC के लिए CISF डीआईजी के रूप में कार्यभार संभाला। उनकी यह नियुक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि CISF देश के प्रमुख बुनियादी ढांचों, जैसे हवाई अड्डों, मेट्रो और परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करता है।
2001 में की लव मैरिज
2001 में उन्होंने आगरा की प्रभा सागर से लव मैरिज की। बाबू राम के दो बेटे हैं। उनका बड़ा बेटा आदित्य अमेरिका में अमेजन कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत है, जबकि छोटा बेटा हिमांशु अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहा है।
233 जांबाजों की सूची में आया नाम
प्रभा सागर ने बताया कि राष्ट्रपति द्वारा घोषित 233 जांबाजों की सूची में उनके पति बाबू राम का नाम शामिल होना न केवल उनके लिए, बल्कि बिहार और पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उनकी कहानी कठिन परिस्थितियों से निकलकर देश की सेवा में समर्पित होने की प्रेरणा देती है।








