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नई दिल्ली1 घंटे पहले
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राणा कपूर 2003 से 2019 तक यस बैंक के CEO रह चुके हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को यस बैंक के को-फाउंडर राणा कपूर से अनिल अंबानी समूह की कंपनियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ की। कपूर का बयान प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज किया गया है।
PTI के मुताबिक अनिल अंबानी की कंपनियों में ₹11,000 करोड़ ये ज्यादा का पब्लिक फंड भेजा गया है, जिसका मिसयूज हुआ है। ED का दावा है कि इस मामले में लोगों के पैसे को यस बैंक के जरिए अनिल अंबानी की कंपनियों में भेजा गया है।
राणा कपूर से पूछताछ इसी केस का हिस्सा है। वहीं इससे पहले ED अनिल अंबानी की कई प्रॉपर्टीज को अटैच कर चुकी है।

ED ने 24 जुलाई को अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद 23 अगस्त को CBI ने भी अनिल अंबानी के घर पर छापेमारी की थी।
3 सवाल-जवाब में समझें पूरा मामला
सवाल 1: यस बैंक और अनिल अंबानी की कंपनियों ने क्या किया है?
जवाब:यस बैंक ने अनिल अंबानी ग्रुप की दो कंपनियों रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL) में ₹2,965 करोड़ और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस (RCFL) में ₹2,045 करोड़ लगाए। यह पैसा यस बैंक को रिलायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड से मिला था, जो पब्लिक का पैसा था।
ED का आरोप है कि म्यूचुअल फंड डायरेक्ट अंबानी ग्रुप में नहीं लगा सकता था (SEBI रूल्स की वजह से), इसलिए पैसा इंडायरेक्ट रूट से गया। पैसा म्यूचुअल फंड से यस बैंक, फिर बैंक से अंबानी कंपनियों को भेजा गया। दिसंबर 2019 तक ये इन्वेस्टमेंट NPA (बैड लोन) बन गए। कुल ₹11,000 करोड़ से ज्यादा के पब्लिक फंड्स का मिसयूज होने का शक है।
सवाल 2: ED की जांच में अब तक क्या सामने आया ?
जवाब: ED का कहना है कि यह मनी लॉन्ड्रिंग है क्योंकि पब्लिक का पैसा गलत तरीके से रूट किया गया। यस बैंक के को-फाउंडर राणा कपूर से सोमवार को पूछताछ हुई। PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग रोकने का कानून) के तहत स्टेटमेंट रिकॉर्ड किया गया। जांच में यस बैंक और अंबानी ग्रुप के बीच लिंक चेक हो रहा है। ED को लगता है कि SEBI रूल्स का वॉयलेशन हुआ और पब्लिक मनी का दुरुपयोग।
सवाल 3: आगे क्या होगा?
जवाब: ED जांच जारी रखेगी। राणा कपूर से मिली जानकारी के आधार पर और लोग या डॉक्यूमेंट्स चेक होंगे। अगर सबूत मिले तो चार्जशीट दाखिल हो सकती है। यह केस पुराना है, लेकिन अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे यस बैंक और रिलायंस ग्रुप दोनों पर असर पड़ सकता है।

ED ने नवी मुंबई में अनिल अंबानी की 132 एकड़ जमीन, पाली हिल वाला घर समेत 40 से ज्यादा संपत्ति अटैच की हैं।
अनिल अंबानी ग्रुप की ₹1120 करोड़ की प्रॉपर्टीज अटैच
प्रवर्तन निदेशालन (ED) ने अंबानी से जुड़ी कंपनियों की 10,117 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है। आखिरी कार्रवाई में मुंबई के बॉलार्ड एस्टेट स्थित रिलायंस सेंटर, फिक्स डिपॉजिट (FD), बैंक बैलेंस और अनलिस्टेड निवेश सहित 18 संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की गई हैं।
इसके साथ ही रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की 7, रिलायंस पावर की 2 और रिलायंस वैल्यू सर्विसेज की 9 संपत्तियां भी फ्रीज की गई हैं। ED ने समूह की अन्य कंपनियों के FD और निवेश भी अटैच किए हैं, जिनमें रिलायंस वेंचर एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड और फाई मैनेजमेंट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
इससे पहले बैंक लोन फ्रॉड से जुड़े मामलों में ईडी रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस और रिलायंस होम फाइनेंस की 8,997 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्तियां अटैच कर चुकी है।








