सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ महिलाएं सेना के काफिले के पीछे दौड़ती नजर आ रही हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि चीन की सेना फायरिंग करते हुए अरुणाचल में करीब 30 किलोमीटर तक अंदर घुस आई है।
अमर उजाला ने वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो तीन महीना पुराना है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश सीमा के 30 किलोमीटर अंदर तक घुस गई है।
अखंड मनुवादी ब्राम्हण नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा,’चीन की सेना फायरिंग करते हुए अरुणाचल में करीब 30 किलोमीटर तक घुस आई है। लेकिन सरकार चुप है क्योंकि सरकार सिर्फ कमजोर पाकिस्तान को आंखे दिखा सकती गई चीन को नहीं। और ये खबर पक्की है क्योंकि अरुणाचल में एक दोस्त से कन्फर्म किया है मैने’। पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें इंडिया टुडे NE के एक्स हैंडल पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 25 अप्रैल 2026 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि शनिवार को दोपहर करीब 1 बजे, तनाव के माहौल में उखरुल हेडक्वार्टर से आ रहे असम राइफल्स के काफिले ने तालुई गांव में स्थानीय महिलाओं द्वारा लगाए गए बैरिकेड को जबरन पार किया। आरोप है कि काफिले के गुजरने के दौरान गोलीबारी हुई, जिससे अफरातफरी मच गई और एक महिला घायल हो गई। जब काफिला हूमी की ओर बढ़ा, तो स्थानीय लोगों ने उसे फिर से रोकने की कोशिश की, लेकिन वहां भी गोलीबारी की खबर मिली, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया।
इसके बाद हमें Ukhrul Times के फेसबुक अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 25 अप्रैल 2026 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि स्थानीय सूत्रों के अनुसार शनिवार को दोपहर करीब 1:00 बजे #मणिपुर के उखरुल जिले में #असम_राइफल्स (AR) के एक काफिले ने तलुई गांव के गेट से जबरदस्ती गुजरने की कोशिश की, जिसमें एक महिला घायल हो गई। पुष्टि न हुई खबरों में यह भी कहा गया है कि गोली चलने की आवाजें सुनी गईं और हूमी गांव के एक व्यक्ति की गर्दन में चोट लगी। इसके साथ ही कहा जा रहा है कि यह चोट ‘ब्लैंक फायर’ (बिना गोली वाली फायरिंग) से लगी। दोनों घायलों को #उखरुल जिला अस्पताल ले जाया जा रहा है।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को तीन महीना पुराना पाया है। इसके साथ इस वीडियो का अरुणाचल प्रदेश और चीन से कोई संबंध नहीं है।








