Fact Check: अकबरुद्दीन ओवैसी का 12 साल पुराना वीडियो मराठी बनाम हिंदी विवाद से जोड़कर किया जा रहा शेयर
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Fact Check: अकबरुद्दीन ओवैसी का 12 साल पुराना वीडियो मराठी बनाम हिंदी विवाद से जोड़कर किया जा रहा शेयर

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महाराष्ट्र में मराठी बनाम हिंदी का विवाद लगातार जारी है। इसे हवा तब मिली जब महाराष्ट्र सरकार ने एक से पांच तक की कक्षाओं के लिए तीसरी भाषा हिंदी को रखने का फैसला लिया था। इसके विरोध के बाद फैसला वापस ले लिया गया था। इसके बाद मराठी विजय दिवस रैली में उद्धव और राज ठाकरे दोनों भाई करीब 20 साल बाद एक मंच पर दिखे। दोनों ने मराठी अस्मिता की बात की। इसे लेकर महाराष्ट्र में कई हिंदी बोलने वाले लोगों के साथ मारपीट भी की गई। अब एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में वह कथित तौर पर उद्धव और राज ठाकरे को चुनौती देते हुए दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो में अकबरुद्दीन ओवैसी कहते हैं, “अरे आंध्र में आओ ना, बड़े ठाकरे-वाकरे हैं। मैं तुम्हारे पास आया हूं, हिम्मत है तो तुम मेरे पास आओ बताता हूं।” 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वीडियो पुराना है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वीडियो 2012 में महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुई एक जनसभा का है। 

क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि अकबरुद्दीन ओवैसी महाराष्ट्र में आकर उद्धव ठाकरे को खुली चुनौती दे रहे हैं। वह हिंदी भाषा का विरोध करने के लिए उद्धव ठाकरे को खुली चुनौती दे रहे हैं। 

P.N.Rai (@PNRai1) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “ठाकरे बंधुओं, तुम्हारे गढ़ में आकर अकबरुद्दीन ओवैसी तुम्हे चुनौती दे रहा है, वह भी हिंदी में।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।  

  इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें वॉच मूवीज नाम के एक यूट्यूब चैनल पर यह वीडियो देखने को मिला। इस वीडियो को 2013 में प्रकाशित किया गया था। वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था “नांदेड़ जलसा अकबरुद्दीन औवेसी” यहां से यह साफ हो गया कि वीडियो हाल फिलहाल का नहीं है।

आगे सर्च करने पर हमें माय डिकेन नाम के एक फेसबुक अकाउंट पर इस वीडियो को बड़ा संस्करण मिला। यह वीडियो 14 मिनट 50 सेकेंड का था। इस वीडियो को 7 दिसंबर 2012 को शेयर किया गया था। हालांकि इस वीडियो के साथ कोई कैप्शन नहीं लिखा गया था। यहां से पता चला कि वीडियो 2012 से फेसबुक पर मौजूद है। 

 

आगे हमें अकबरुद्दीन ओवैसी के फेसबुक अकाउंट पर यह वीडियो 2018 को पोस्ट मिला। इस वीडियो में वायरल हो रहा हिस्सा मौजूद था। यहां से यह साफ हो गया कि अकबरुद्दीन ओवैसी महाराष्ट्र में हिंदी और मराठी के बीच शुरू हुए विवाद के दौरान यह भाषण नहीं दिया है।

 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि एआईएमआईएम के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी के उद्धव ठाकरे को ललकारने के पुराने वीडियो को हालिया घटना से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। 

 



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