पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकी ठिकाने नष्ट कर दिए। इसके बाद से सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। इसी बीच पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया अकाउंट फर्जी दावों के साथ कुछ वीडियो को शेयर कर रहे हैं। एक धमाके के वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान ने अमृतसर में सैन्य अड्डे पर हमला किया। कई लोगों के हताहत होने की खबर है, कई गंभीर रूप से घायल हैं।
अमर उजाला की पड़ताल में यह दावा फर्जी निकला है। इस वीडियो का खंडन सरकारी एजेंसी पीआईबी ने किया है। पीआईबी ने बताया कि “सोशल मीडिया पोस्ट में झूठा दावा किया गया है कि पाकिस्तान के द्वारा अमृतसर में सैन्य अड्डे पर हमला करने का दावा फर्जी है। जो वीडियो शेयर करके यह दावा किया जा रहा है वो वीडियो 2024 में जंगल में लगी आग का है।
क्या है दावा
एक वीडियो को शेयर करके पाकिस्तान के कुछ सोशल मीडिया अकाउंट यह दावा कर रहे हैं कि पाकिस्तान ने अमृतसर में सैन्य अड्डे पर हमला कर दिया है।
पाकिस्तान (@Shamii_awan1) नाम के एक एक्स हैंडल ने लिखा “पाकिस्तान ने अमृतसर में सैन्य अड्डे पर हमला किया। कई लोगों के हताहत होने की खबर है, कई गंभीर रूप से घायल हैं।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
पड़ताल में हमें अमर उजाला की न्यूज डेस्क से भारतीय न्यूज एजेंसी एएनआई की एक खबर मिली। इस खबर में वीडियो को फर्जी बताया गया है। एएनआई ने यह खबर भारत की सरकार की नोडल मीडिया एजेंसी पीआईबी के हवाले बताई थी। जिसमें कहा गया था कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान इतनी बौखला चुका है कि वो अब इस तरह के झूठ फैलाने पर उतर आया है।

आगे हमने खबर की पुष्टि करने के लिए पीआईबी की वेबसाइट देखी। यहां हमें इस वीडियो का खंडन करते हुए पीआईबी का एक्स पोस्ट मिला। इस पोस्ट में वीडियो को फर्जी बताते हुए लिखा गया था “पाकिस्तान को सोशल मीडिया हैंडल अमृतसर में एक सैन्य अड्डे पर हमले का झूठा आरोप लगाते हुए पुराने वीडियो फैला रहे हैं। शेयर किया जा रहा वीडियो 2024 में लगी जंगल की आग का है।”

पीआईबी ने इस पोस्ट के साथ फैक्ट चेक वेबसाइट एएफपी का फैक्ट चेक को भी जोड़ा हुआ था। यहां 22 अप्रैल 2024 को इस वीडियो का फैक्ट चेक किया गया था। जिसमें बताया गया था कि चिली में वालपराइसो के तटीय क्षेत्र में आग ने पूरे समुदायों को तबाह कर दिया और कम से कम 133 लोगों की जान ले ली।

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि पुराने वीडियो को अमृतसर में एक सैन्य अड्डे पर हमला बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।