Fact Check: अर्जेन्टीना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सैनिटरी पैड देने का दावा गलत, एआई से बनी है तस्वीर
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Fact Check: अर्जेन्टीना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सैनिटरी पैड देने का दावा गलत, एआई से बनी है तस्वीर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी कई देश के दौरे पर हैं। इन में से एक देश अर्जेंटीना भी शामिल है। सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के अर्जेंटीना की एक तस्वीर शेयर हो रही है। तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी के साथ ब्यूनस आयर्स के सिटी गवर्नमेंट प्रमुख जॉर्ज मैकरी नजर आ रहे हैं। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि जॉर्ज ने मोदी को महिलाओं का सैनिटरी पैड दिया है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल तस्वीर एआई जनरेटेड है। दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी को अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स मेंं ‘की टू द सिटी’ (शहर की चाबी) सम्मान से नवाजा गया है। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि मोदी को ब्यूनस आयर्स में सैनिटरी पैड दिया गया है।

सुनिल कांग्रेस प्रशंसक नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा “महिलाओं का सैनिटरी पैड्स दानव पुरुष को गिफ्ट क्यूँ किया जा रहा है ?”  पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

दावे की पड़ताल करने के लिए हमने तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें नरेंद्र मोदी के एक्स हैंडल पर ओरिजिनल तस्वीर देखने को मिला । यह तस्वीर 6 जुलाई को पोस्ट की गई है। तस्वीर साझा कर बताया गया है कि ब्यूनस आयर्स के प्रमुख जॉर्ज मैक्री से ब्यूनस आयर्स ‘की टू द सिटी’ (शहर की चाबी) से सम्मानित किया है। इसे प्राप्त कर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ।

इसके बाद हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 6 जुलाई 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अर्जेंटिना की राजधानी ब्यूनस आयर्स  में  दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उन्हें की “टू द सिटी” (शहर की चाबी) सम्मान दिया गया है। इस सम्मान से भारत और अर्जेंटीना के बीच संबंध को मजबूत करने के लिए दिया गया है। 

आगे की पड़ताल के लिए हमने तस्वीर को ध्यान से देखा, तो हमें फोटो में कुछ विसंगतियां दिखाई दीं, जो असल फोटो में देखने को आमतौर पर नहीं मिलती है। इससे फोटो के एआई होने के बारे में संदेह हुआ। इसके बाद हमने फोटो को एआई इमेज डिटेक्शन टूल से सर्च किया। एआई डिटेक्टर टूल हाइव मॉडरेशन पर पहले फोटो के 99.5 फिसदी एआई से बने होने की संभावना जताई । 

यहां से साफ होता है कि वायरल तस्वीर को एआई की मदद से बनाया गया है। ओरिजिनल तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी को “टू द सिटी” (शहर की चाबी) सम्मान दिया गया है।

पड़ताल का नतीजा

हमने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीर को एआई से बना पाया है। तस्वीर को एडिट कर लोगोंं में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।



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