वक्फ बिल दोनों सदनों से पास होने के बाद और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद अब कानून बन चुका है। इसी बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी कई और सांसदों के साथ बैठकर नाश्ता कर रहे हैं। साथ ही सभी लोग हंसी मजाक करते हुए भी नजर आ रहे हैं।
वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि संसद में बिल पास होने के बाद असदुद्दीन ओवैसी बीजेपी नेताओं के साथ बैठकर खुशी मना रहे हैं। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस वीडियो को गलत संदर्भ के साथ शेयर होता हुआ पाया है। हमारी पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो संसद में बिल पेश होने से पहले का है। ये वीडियो तब का है जब जेपीसी के सदस्यों ने बिल पर मसौदा रिपोर्ट स्वीकार की थी।
आपको बता दें कि वक्फ संशोधन अधिनियम 8 अप्रैल से देशभर में लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी की है कि वक्फ अधिनियम को प्रभावी कर दिया गया है। पिछले सप्ताह संसद के दोनों सदनों से इस विधेयक के पास होने के बाद राष्ट्रपति ने भी वक्फ संशोधन अधिनियम को मंजूरी दी थी।
क्या है दावा
इस वीडियो को एक एक्स यूजर ने शेयर करके एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधा है। दावा किया जा रहा है कि ओवैसी ने बीजेपी नेताओं के साथ मिलकर वक्फ बिल के पास होने पर खुशी मनाई है।
सरल व्यंग्य (@SaralVyangya) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “एक वीडियो वायरल है जिसमें ओवैसी बीजेपी नेताओं के साथ बैठकर हंसते हुए नजर आ रहे हैं, कुछ लोग कह रहे हैं कि ये पार्लियामेंट में रात्रि सत्र का है जब वक्फ बिल पास हुआ”
पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते है। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें समाचार एजेंसी पीटीआई के आधिकारिक एक्स हैंडल पर यह वीडियो मिला। इस वीडियो को 29 जनवरी, 2025 को शेयर किया गया था। वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था “वक्फ (संशोधन) विधेयक के लिए बनाई गई संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य मसौदा रिपोर्ट को अपनाने के बाद चाय पर मिलते हुए।”
आगे और जांच करने पर हमें एएनआई पर भी इस वीडियो से संबंधित खबर देखने को मिली। इस खबर को 29 जनवरी 2025 को शेयर किया गया था। इस खबर में बताया गया था “वक्फ संशोधन विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति ने बुधवार को मसौदा रिपोर्ट और संशोधित संशोधित विधेयक को अपनाया। 30 जनवरी को समिति लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को रिपोर्ट पेश करेगी। हालांकि, विपक्षी नेताओं ने भी रिपोर्ट पर अपनी असहमति जताई है।”
लोकसभा में यह बिल 2 अप्रैल को पेश किया गया था। उस दिन 13 घंटे की बहस के बाद इस बिल के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 सांसदों ने वोट किया। इससे यह साफ है कि ओवैसी का यह वीडियो संसद में बिल पास होने से पहले का है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो को गलत संदर्भ के साथ भ्रामक तरीके से शेयर किया जा रहा है।








