Fact Check: इराक में  2007 में हुए हमले के वीडियो को पुलवामा हमले से जोड़कर किया जा रहा शेयर
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Fact Check: इराक में 2007 में हुए हमले के वीडियो को पुलवामा हमले से जोड़कर किया जा रहा शेयर

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आज पुलवाम में हुए हमले को छह साल हो गए हैं। इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में एक सड़क पर धमाका होते हुए नजर आ रहा है। उसके बाद एक टूटी हुई गाड़ी और लोगों के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह 14 फरवरी 2019 को जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के जवानों के काफिले पर हुए हमले का वीडियो है।

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो ह्यूज इराक बम धमाका के कैप्शन के साथ 25 नवंबर 2007 से इंटरनेट पर मौजूद है। 

क्या है दावा

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि 2019 में पुलवामा में जवानों के काफिले पर हुए हमले का वीडियो सामने आया है। 

Hinduism_and_Science (@Hinduism_sci) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा, “उन्होंने भारत के लिए सब कुछ दिया। 14 Feb 2019, एक #BlackDay जिसे हम कभी नहीं भूलेंगे #PulwamaAttack” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

 

 

इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो एक यूट्यूब चैनल पर 2007 को प्रकाशित मिला। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था “इराक में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस विस्फोट” 

 

 

आगे हमें मिलिट्री डॉट कॉम नाम की एक वेबसाइट पर यह वीडियो 2009 में शेयर किया गया मिला। वीडियो में लिखा गया था इराक में बड़ा आईडी हमला। 

आगे हमें यूएस एयर फोर्स की एक रिपोर्ट मिली। इसे 2007 में प्रकाशित किया गया था। इसमें इराक में हुए आईईडी धमाके के बारे में जानकारी दी गई थी। इसमें बताया गया था कि हिल AFB के तीन एयरमैन 7 जनवरी को बगदाद इलाके में ड्यूटी करते समय एक कार बम में मारे गए। धमाके में एक चौथा एयरमैन भी घायल हो गया, जो हिल में तैनात नहीं था। एयरमैन को 775वें सिविल इंजीनियर स्क्वाड्रन की एक्सप्लोसिव ऑर्डनेंस डिस्पोजल फ्लाइट में तैनात किया गया था। इराक में रहते हुए, एयरमैन 447वें एक्सपेडिशनरी सिविल इंजीनियर स्क्वाड्रन के सदस्य थे।

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो 2007 से इंटरनेट पर मौजूद है। इसका पुलवामा हमले से कोई संबंध नहीं है। आपको बता दें कि पुलवामा में हमला 2019 में हुआ था। 



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