सोशल मीडिया पर एक आदमी की तस्वीर शेयर की जा रही है। इस व्यक्ति को भारतीय बताया जा रहा है। इस आदमी को भारतीय खूफिया एजेंसी RAW का एजेंट बताया जा रहा है। आदमी का नाम जीत जॉन जोशुआ बताया जा रहा है।
क्या है दावा
इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है अजीत जॉन जोशुआ नामक रॉ जासूस को BLA आतंकवादियों की सहायता कर रहा है। इस रॉ एजेंट को ईरान में देखा गया है।
ईगल आई (@zarrar_11PK) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “मार्कहोर्स की बड़ी सफलता, कुलभूषण 2.O की पहचान। विश्वसनीय सूत्रों ने पुष्टि की है कि रॉ के एक महत्वपूर्ण अधिकारी अजीत जॉन जोशा इन दिनों #ईरान में मौजूद हैं। हाल ही में जोशा ने प्रतिबंधित संगठन BLA के बशीर जेब समूह और अल्लाह नज़र समूहों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बलूचिस्तान खासकर पाकिस्तान ईरान सीमा (मंदारिन, तुर्बत, जोज़ाक, तफ्तान और दलबलदीन) में आतंकवादी गतिविधियाँ संचालित करने पर चर्चा की गई। जोशा 2014 में विदेश कार्यालय के कर्मचारी के रूप में अंडरकवर रूप से रॉ में शामिल हुए थे।” (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
‼️A big Success by Markhors
‼️Khulbushan 2.O identified
🔺Reliable sources have confirmed that an important RAW official Ajeet John Josha is present in #Iran nowadays.
🔺Recently Josha had meeting with top officials of banned organisation BLA’s Bashir Zeb group and Allah Nazar… https://t.co/jpG2je9cMv pic.twitter.com/KAM9eRPGuT
— Eagle Eye (@zarrar_11PK) March 28, 2025
हमजा लाशरी (@Hamza_Lashari18) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “सीमा पार की गतिविधियों में रॉ की कथित संलिप्तता: वरिष्ठ ऑपरेटिव कथित तौर पर बलूचिस्तान में हमलों का समन्वय कर रहा है। 28 मार्च, 2025, पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों के समन्वय में एक वरिष्ठ भारतीय खुफिया ऑपरेटिव की कथित संलिप्तता के बारे में रिपोर्ट सामने आई हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार, भारत के रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी अजीत जॉन जोशा वर्तमान में ईरान में हैं और कथित तौर पर बलूचिस्तान में सक्रिय प्रमुख आतंकवादी समूहों के संपर्क में हैं। सूत्रों का दावा है कि जोशा ने हाल ही में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) के कमांडो के साथ बैठक की है, विशेष रूप से अल्लाह नज़र के नेतृत्व वाले गुट के साथ। कथित तौर पर ये चर्चाएँ मंड, तुर्बत, जोज़ाक, तफ्तान और दलबंदिन सहित क्षेत्रों में हमलों की योजना बनाने पर केंद्रित थीं। माना जाता है कि जोशा को 2014 में रॉ द्वारा राजनयिक कवर के तहत भर्ती किया गया था और तब से उसे पाकिस्तान को निशाना बनाकर सीमा पार की गतिविधियों में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में पहचाना जाता है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह घटनाक्रम चल रही क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं और अस्थिरता को बढ़ावा देने में बाहरी तत्वों की भूमिका को रेखांकित करता है। जबकि पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस मामले पर आधिकारिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है, सुरक्षा एजेंसियां कथित तौर पर स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही हैं। इन आरोपों के बारे में भारतीय अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। स्थिति अभी भी अस्थिर है, और अधिक विवरण सामने आने पर आगे के अपडेट की उम्मीद है।”(पोस्ट का आर्काइव लिंक)
RAW’s Alleged Involvement in Cross-Border Activities: Senior Operative Reportedly Coordinating Attacks in Balochistan
March 28, 2025, Reports have emerged regarding the alleged involvement of a senior Indian intelligence operative in coordinating militant activities in… pic.twitter.com/ADgFGeg70D
— Hamza Lashari (@Hamza_Lashari18) March 28, 2025
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें अजीत जॉन जोशुआ (@ajith_j_joshua) का आधिकारिक एक्स अकाउंट दिखाई दिया। यहां से हमें पता चला कि अजीत जॉन जोशुआ भारत सरकार में आईएफएस के पद पर तैनात हैं।
कीवर्ड के माध्यम से सर्च करने पर हमें विदेश मंत्रालय, भारत सरकार का एक फेसबुक पोस्ट मिला। इस पोस्ट में अजीत जॉन जोशुआ को बेंगलुरु का रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर बताया गया था। साथ ही उनको रॉ एजेंट बताने वाले सभी पोस्ट को फर्जी भी बताया था।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि अजीत जॉन जोशुआ के रॉ एजेंट के रूप में ईरान में दिखाई देने की खबर भ्रामक है।








