सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में पहाड़ों पर तेजी से हिमस्खलन होते नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है यह वीडियो कश्मीर का है, जहां अभी हिमस्खलन हुआ है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एआई की मदद से बना है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि कश्मीर में अभी हाल ही हिमस्खन हुआ है।
Vairalxshort07 नाम के इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा,” जम्मू-कश्मीर में भारी हिमस्खलन का खौफनाक मंजर आज (06-02-2026) कश्मीर–जम्मू क्षेत्र में पहाड़ों से अचानक भारी बर्फ का सैलाब नीचे की ओर गिरता नजर आया। मकानों के ऊपर से गुजरती बर्फ की सफेद दीवार ने लोगों को दहशत में डाल दिया। पहाड़ों की यह रौद्र शक्ति याद दिलाती है कि प्रकृति के सामने इंसान कितना छोटा है। हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शहर के निचले हिस्सों में जनजीवन सामान्य रहा, लेकिन प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले नागरिक अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
हमने इस दावे की पड़ताल के लिए सबसे पहले कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें बीबीसी के इंस्टाग्राम पर एक वीडियो मिला। यह वीडियो 27 जनवरी को साझा किया गया है। यहां पर लिखा है कि कश्मीर के सोनमर्ग में हिमस्खलन, सीसीटीवी में कैद हुआ।
यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो का कश्मीर में आए हिमस्खलन से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद हमने वीडियो के ध्यान देखा। यहां हमें वीडियो में कई विसंगतियां नजर आई। जैसे हिमस्खलन के दौरान मौके पर मौजूद लोग घबराकर भागते या सुरक्षित स्थान की ओर जाते नहीं दिखते। यहां से हमें वीडियो के एआई से बने होने होने का संदेह हुआ। इसके बाद हमने वीडियो के पड़ताल के लिए एआई हाइव टूल पर सर्च किया। इस टूल ने वायरल वीडियो को 99.9 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी।
आगे की पड़ताल के लिए हमने साइट इंजन टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने भी वायरल वीडियो को 98 फीसदी से एआई से बने होने की जानकारी दी।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एआई से बना पाया है।








