सिडनी के बॉन्डी बीच पर पिछले सप्ताह दो आतंकवादियों ने 15 लोगों की हत्या कर दी थी। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में ऑस्ट्रेलियाई पुलिस बोलती नजर आ रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ऑस्ट्रेलियाई पुलिस का कहना है कि बॉन्डी बीच पर हुए हमले में चार भारतीय शामिल थे।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एआई से बना है। वहीं, हमने पाया कि बॉन्डी बीच में दो आतंकवादी शामिल थे। जिनमें एक ने 27 साल पहले ही भारत छोड़ दिया था।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बॉन्डी बीच हमले में चार भारतीय शामिल थे।
निबराज रमजान (@Nibraj88cricket) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस आयुक्त क्रिसी बैरेट ने पुष्टि की कि बॉन्डी हमला कोई अलग-थलग घटना नहीं थी, बल्कि इसमें एक व्यापक नेटवर्क शामिल था। बाद में चार भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर हिंदू चरमपंथियों के रूप में फर्जी मुस्लिम पहचान का इस्तेमाल करने का आरोप है। पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें गार्जियन ऑस्ट्रेलिया और गार्जियन न्यूज के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो से मिलता एक वीडियो मिला। यह वीडियो 18 दिसंबर 2025 को प्रकाशित की गई है। वीडियो में ऑस्ट्रेलिया की संघीय पुलिस आयुक्त क्रिसी बैरेट बोलती नजर आ रही हैं कि बॉन्डी बीच पर कथित तौर पर हमला करने वाले जीवित व्यक्ति पर आतंकवादी हमले को अंजाम देने के आरोप में 59 अपराधों का मामला दर्ज किया गया है। यहां कही भी वह इस हमले में चार भारतीयों का शामिल होने के बात नहीं कहती नजर आ रही हैं।
इसके बाद हमने वायरल वीडियो और असली वीडियो को ध्यान देखा। वायरल वीडियो में हमें विसंगतियां दिखाई दी। जैसे वीडियो का क्वालिटी काफी ज्यादा था। महिला के चेहरे में नजर आ रहे दाग वायरल वीडियो में नजर नहीं आ रहे हैं।

वायरल वीडियो में हमें विसंगतियां दिखाई दी। जैसे वीडियो का क्वालिटी काफी ज्यादा था। यहां से हमें वायरल वीडियो के एआई से बने होने का संदेह हुआ। हमने वायरल वीडियो के पड़ताल के लिए हाइव एआई टूल का इस्तेमाल किया। इस दौरान टूल ने वायरल वीडियो को 98.3 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी।
इसके बाद हमने डीकॉपी एआई टूल से वायरल वीडियो का पड़ताल किया। इस दौरान टूल ने हमें 99 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी।
पड़ताल का नतीजा
हमने वायरल वीडियो को एआई से बना पाया है।








