प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते 25 जुलाई को दो दिवसीय मालदीव दौरे पर गए। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए। भारत सरकार ने मालदीव के रक्षा मंत्रालय को 72 भारी वाहन भी उपलब्ध कराए। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है। तस्वीर में नजर आ रहा है कि एक इमारत के ऊपर प्रधानमंत्री मोदी की एक बड़ी तस्वीर लगी है। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि मालदीव के रक्षा मंत्रालय की बिल्डिंग पर पीएम मोदी की तस्वीर पर नाम के जगह सरेंडर लिखा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया। हमने पाया कि वायरल तस्वीर एआई से बनी है। तस्वीर में मोदी के नाम के जगह सरेंडर नहीं लिखा है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर पर नाम के जगह सरेंडर लिखा है।
मनीष जैकी (@ManishJaiky) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “यह तस्वीर एक इमारत की नहीं, बल्कि एक मानसिकता की है – सरेंडर?? मालदीव के रक्षा मंत्रालय की दीवार पर भारत के प्रधानमंत्री की तस्वीर लगी है, और उस पर लिखा है यदि सरेंडर लिखा है?? तो क्या अब भी कोई संदेह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि कैसे मज़ाक बन चुकी है? क्या ये डिप्लोमेसी है या दासता का नया दौर? क्या प्रधानमंत्री का चुप रहना अब राष्ट्रहित है या राष्ट्र-अपमान पर सहमति? जब एक छोटा सा द्वीप देश भारत को यूं नीचा दिखा रहा है, तबशब्द नहीं, कार्यवाही चाहिए।देश की गरिमा विदेश नीति के प्रचार नहीं, प्रतिष्ठा से बनती है।“ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।


इसी तरह के अन्य दावे का लिंक आप यहां देख सकते हैं। इसका आर्काइव लिंक आप यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें संसद टीवी के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट मिली। पोस्ट 25 जुलाई 2025 को साझा की गई है। पोस्ट में हमें वायरल तस्वीर देखने को मिली। पोस्ट साझा कर लिखा गया है कि मालदीव के माले में रक्षा मंत्रालय का भवन आज कुछ इस तरह दिखता है। लेकिन इस तस्वीर में हमें सरेंडर लिखा हुआ नजर नहीं आया।
आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 25 जुलाई 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में हमें वायरल तस्वीर देखने को मिली। लेकिन इसमें हमें कही भी सरेंडर नाम लिखा नजर नहीं आया। तस्वीर को शेयर कर बताया गया है कि मालदीव के माले में रक्षा मंत्रालय भवन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो लगाई गई है।
इसके बाद हमने तस्वीर को ध्यान से देखा। हमें तस्वीर एआई से बने होने के संदेह हुआ। इसके लिए हमने हाइव एआई टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने हमें तस्वीर के 99.9% एआई से बने होने की जानकारी दी।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीर को एआई से बना पाया है। इसे शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।








