Fact Check: कैरेबियन तट पर दिख रहे प्लास्टिक के कचरे के ढेर को भारत का बताकर किया जा रहा शेयर
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Fact Check: कैरेबियन तट पर दिख रहे प्लास्टिक के कचरे के ढेर को भारत का बताकर किया जा रहा शेयर

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में समुंद्र के ऊपर प्लास्टिक का कचरा तैरते हुए नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो भारत का है। कहा जा रहा है कि पूरी दुनिया पर्यावरण को बचाने के लिए काम कर रही है और भारत इसे गंदा कर रहा है। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में असल वीडियो क्लिप 2022 में ग्वाटेमाला में रिकॉर्ड किया गया था। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया की सबसे प्रदूषित नदियों में से एक मानी जाने वाली रियो मोटागुआ नदी से प्लास्टिक कचरे का ढेर ग्वाटेमाला के कैरेबियन तटों पर आ गया था।

क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि भारत समुद्र को गंदा करने का काम कर रहा है। 

जिलियनसीबीट्सी (@Jill2BetsyT) नाम के एक एक्स अकाउंट से इस वीडियो को शेयर करके लिखा गया, “आप कार्बन टैक्स देते हैं, आसमान छूते एनर्जी बिल भरते हैं, प्लास्टिक स्ट्रॉ बैन हो गए हैं, और बेकार कागज़ के बैग ले जाते हैं जो तुरंत फट जाते हैं। यह सब “पर्यावरण बचाने” के लिए। इस बीच भारत में… ये वो देश हैं जहाँ से प्लास्टिक के बड़े-बड़े तैरते हुए ढेर आ रहे हैं जो धरती के महासागरों में हैं। हम भारत को अरबों डॉलर देते हैं ताकि वे सड़कों पर भी गंदगी फैला सकें। जब तक वे इस बकवास को ठीक नहीं करते, तब तक भारत को सारी फंडिंग बंद करो। कोई पैसा नहीं, उन्हें भूखा मरने दो जबकि वे और ज़्यादा माइक्रो प्लास्टिक से पानी की सप्लाई खराब कर रहे हैं। पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

 

इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो को कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो सीबीएस न्यूज के यूट्यूब चैनल पर देखने को मिला। यहां इस वीडियो को जून 2022 को शेयर किया गया था। CBS News राजनीति, U.S. और दुनिया खबरों को प्रकाशित करता है। वीडियो को पोस्ट करके लिखा गया था “एनवायरनमेंटलिस्ट्स के मुताबिक, दुनिया की सबसे ज़्यादा प्रदूषित नदियों में से एक, रियो मोटागुआ से प्लास्टिक कचरे के ढेर ग्वाटेमाला के कैरेबियन किनारों पर आ गए हैं।” 

 

आगे हमें इस वीडियो के कीफ्रेम के साथ इंडिपेंडेंट पर एक मीडिया रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में वीडियो के कैप्शम में लिखा था “चौंकाने वाले वीडियो में ग्वाटेमाला का समुद्र तट प्लास्टिक कचरे से ढका हुआ है” ग्वाटेमाल सेंट्रल अमेरिका का एक देश है। 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो भारत का नहीं है बल्कि ग्वाटेमाला का है। वीडियो को गलत तरीके से भारत का बताकर शेयर किया जा रहा है। 



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