प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (13 सितंबर) को मणिपुर पहुंचे। यहां पीएम ने राज्य की जनता को संबोधित करते हुए दो साल से फैले तनाव और हिंसा के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि विकास के लिए शांति जरूरी है और मणिपुर आशा और शांति की भूमि है। पीएम ने अपील की कि मणिपुर की जनता हिंसा से आगे बढ़कर शांति का साथ दे, ताकि विकास हो सके। इसके साथ ही उन्होंने विस्थापितों के लिए 500 करोड़ रुपये के पैकेज का एलान किया। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में लोगों की भीड़ नजर आ रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे के वक्त वहां के लोगों ने भाजपा के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। इसके साथ ही उन्होंने वोट चोर, गद्दी छोड़ के नारे भी लगाए।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो मणिपुर का नहीं, बल्कि कोलकाता का है। इसके साथ ही हमें असली वीडियो में कोई नारे भी सुनाई नहीं दिए।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि मोदी के मणिपुर दौरे के दौरान वोट चोर, गद्दी छोड़ के नारे लगे हैं।
राजा तिवारी (@SureshC85120965) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “मणिपुर ने मोदी, भाजपा, आरएसएस को नकार दिया है:- क्या सत्ता के अधिनायकवादी रवैए के खिलाफ देश में जनांदोलन की दस्तक सुनाई दे रही है? पूर्वोत्तर के राज्यों में भी भाजपा, मोदी का भारी विरोध शुरू‚.‘वोट चोर – गद्दी छोड़’ का नारा चारों दिशाओं में गूंज रहा है।“ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें trisharooy नाम के इंस्टाग्राम यूजर के अकाउंट पर वायरल वीडियो मिला। यह वीडियो 14 अप्रैल 2025 को साझा किया गया। इसके साथ ही बताया गया है “कोलकाता वक्फ बिल का विरोध, जगह एनआरएस अस्पताल के पास, कोलकाता”
यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो पांच महीने पुराना है। नरेंद्र मोदी का मणिपुर दौरा 13 सितंबर को था।
आगे की पड़ताल के लिए हमने कीवर्ड की मदद से सर्च किया। इस दौरान हमें टाइम्स कंटेंट की रिपोर्ट मिली। यह 14 अप्रैल 2025 को प्रकाशित की गई है। इसमें बताया गया है कि कोलकाता में वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ आईएसएफ का विरोध प्रदर्शन। यह प्रदर्शन सियालदाह स्टेशन क्षेत्र से शुरू होकर रामलीला मैदान तक चला, जिससे 14 अप्रैल, 2025 को कोलकाता के रेड रोड पर लंबे समय तक यातायात बाधित रहा।
इसके बाद हमें टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 16 अप्रैल 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बीआर अंबेडकर की जयंती मनाने के लिए आयोजित कुछ जुलूसों और कई विरोध प्रदर्शनों के कारण सोमवार दोपहर को छुट्टी होने के बावजूद मध्य कोलकाता में लगभग तीन घंटे तक जाम लगा रहा। नए वक्फ कानून के खिलाफ कोलकाता में रैली के लिए लगभग 5,000 आईएसएफ समर्थक एक जगह इकट्ठा होने में कामयाब रहे। एक अधिकारी ने बताया, “यह विशाल जनसमूह दोपहर करीब 2.30 बजे सियालदाह स्टेशन से रामलीला मैदान की ओर बढ़ा।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को कोलकाता का पाया है। इस वीडियो का मणिपुर से कोई संबंध नहीं है।








