राजस्थान के अलवर जिले में रविवार को एक बाइक सवार ने एक कांवड़िए को टक्कर मार दी, जिस कारण कांवड़ खंडित हो गई। इस घटना के बाद कांवड़ियों और स्थानीय लोगों ने हाईवे जाम कर दिया। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग सड़क पर दूध फेंकते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा अलवर में कावड़ियों के टक्कर मारने के कारण लोग गुस्से में सड़क पर सारा दूध फेंक रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो गुजराज के साबरकांठा का है। दरअसल, डेयरी किसान दूध खरीद का मूल्य बढ़ाने को लेकर सड़कों पर दूध बहा रहे हैं।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अलवर में कांवड़ियों ने गुस्से में आकर सड़क पर दूध फेंक रहे हैं।
अना हसन (@Voice_Of_Ummah_) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “ये कावड़ियों का आतंक बढ़ता जा रहा है।ये एक बेकाबू जानवरों के झुंड की तरह हो गए हैं। ये जहां से भी गुज़र रहे है। हुड दंग तोड़ फोड़ और रहा चलते लोगों को परेशान कर रहे है। क्या इन दंगइयों पर कोई कार्यवाही नहीं होगी। क्या सारे नियम कानून सिर्फ मुसलमानो के लिए ही है?” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें आवेश तिवारी नाम के एक्स यूजर के अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 20 जुलाई 2025 को साझा किया गया है। वीडियो शेयर कर लिखा है ”गुजरात के साबरकांठा में डेयरी किसान दूध खरीद का मूल्य बढ़ाने को लेकर सड़कों पर दूध बहा रहा है। यह तस्वीर इसी सप्ताह की है। एक तरफ डेयरी किसानों को लागत के अनुसार दाम नहीं मिल रहे और दूसरी तरफ राष्ट्रपति ट्रंप सस्ते अमरीकी दूध प्रोडक्ट भारत में उतारने के लिए प्रेशर बना रहे हैं। इस सड़क पर दूध बहाओ आंदोलन के दौरान एक किसान की मौत भी हो गई है। मोदी जी के गुजरात में हाल हद से बाहर जा रहे हैं।”

इसके बाद हमें एनडीटीवी की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 21 जुलाई 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में हमें वायरल वीडियो भी देखने को मिला। इसके साथ ही बताया गया है कि गुजरात के किसान सड़कों पर दूध बहा रहे हैं, वो सरकार से नाराज हैं। क्योंकि उन्हें उनकी मेहनत की सही कीमत नहीं दी जा रही है। इस बात से नाराज किसान सड़क पर दूध फेंक कर अपना विरोध जता रहे हैं।
आगे की पड़ताल के लिए हमने कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें अहमदाबाद मिरर की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 17 जुलाई 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि दूध की कीमतों को लेकर साबरकांठा और अरावली जिलों में विरोध प्रदर्शन अराजकता में बदल गया। साबर डेयरी के बाहर पशुपालकों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। लगातार तीसरे दिन, एक किसान की मौत के बाद आंदोलन और तेज हो गया, जिसमें पूर्व विधायक जशु पटेल समेत 74 नेताओं और 1,000 से ज्यादा अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को भ्रामक पाया है। वायरल वीडियो गुजरात के साबरकांठा में दूध के मूल्यों के लेकर किए जाने वाले प्रदर्शन के दौरान का है।